रनियां की वनस्पति फैक्टरी के बाहर धरने पर बैठी विधायक व पूर्व सांसद। (संवाद)
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रनियां। कस्बे की एक फैक्टरी के मजदूर की मौत के मामले में मुआवजा राशि का भुगतान न होने पर बुधवार को सदर विधायक व पूर्व सांसद धरने पर बैठ गए। इस दौरान मजदूर के परिजन भी मौजूद रहे। देर शाम मृतक की पत्नी ने चौकी इंचार्ज व फैक्टरी मालिक पर जबरन समझौता कराने व घटना का स्वरूप बदलने की तहरीर दी। इसके बाद विधायक व पूर्व सांसद ने धरना स्थगित कर दिया।
रनियां में संचालित एक फैक्टरी में 19 दिसंबर को किशवल निवासी महेंद्र प्रकाश गौतम की मौत हो गई थी। हालांकि परिजनों व फैक्ट्ररी प्रबंधन के बीच समझौता हो गया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। फैक्टरी प्रबंधन ने दूसरे दिन 5.70 लाख की चेक मजदूर की पत्नी ममता को दी थी। जबकि तीस हजार रुपये नकद दिए थे। मामले में बुधवार को नया मोड़ आ गया।
मृतक की पत्नी व अन्य परिजनों के साथ सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला व पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी फैक्टरी गेट पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। आरोप लगाया कि फैक्टरी प्रबंधन की चेक का भुगतान नहीं हो रहा है। आरोप लगाया कि घटना फैक्टरी में हुई और पुलिस ने फैक्ट्ररी के बाहर दुर्घटना में मजदूर की मौत का केस दर्ज किया है।
विधायक व पूर्व सांसद के धरने पर बैठने की सूचना पाकर इंस्पेक्टर अकबरपुर विनोद पांडेय भी मौके पर पहुंचे। कोतवाल ने विधायक को बताया कि तहरीर के अनुसार केस दर्ज किया गया है। अगर परिजन चाहते हैं तो घटनास्थल और घटना बदली जा सकती है। चेक भुगतान न होने को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
वहीं, फैक्ट्ररी प्रबंधन से जुड़े मेराज अहमद ने बताया कि जिस खाते की चेक दी गई है उसमें पर्याप्त धनराशि है। चेक क्लियर होने में कुछ दिन का समय लगता है। इधर देर शाम मृतक की पत्नी ने चौकी इंचार्ज अनुराग पांडेय व फैक्टरी के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तहरीर दी। कोतवाल ने कार्रवाई का भरोसा दिया तो धरना स्थगित कर दिया गया।