अपने आप को राम और कृष्णा का अवतार बताने वाले एक युवक ने धर्म और आस्था की अंधभक्ति में लीन होकर वो कुकृत्य किया जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। हैरानी की बात तो ये है कि उसे अपने किए पर जरा भी अफसोस और शर्मिंदगी नहीं है।
हत्या के बाद घर के बाहर लगा जमघट
- फोटो : अमर उजाला
उल्टा उसका तो ये कहना है कि मैंने पापियों का सर्वनाश किया है। अब इसके आगे की कहानी जानकर तो आपको और ज्यादा हैरानी होने वाली है। दरअसल, इस युवक ने जिन लोगों तीन लोगों को मौत के घाट उतारा है वे उसके अपने थे।
युवक ने अपने पिता, मां और बुआ की बड़ी ही बेरहमी से हत्या की है। पुलिस के सामने अपने जुर्म का इकरार तो किया लेकिन उसने इसे जुर्म न मानते हुए सही ठहराया। कहने लगा कि ये तीनों पूरे देश का विरोध कर रहे थे, इसलिए मैंने उन्हें मार डाला।
हत्यारे का ताऊ का पुत्र बयान देते हुए
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जानकारी के मुताबिक इटावा में तिहरे हत्याकांड में नाहर सिंह यादव (60) उनकी पत्नी श्रीमती सावित्री देवी (58), नाहर सिंह की विधवा बहन कमला देवी (55) की हत्या नाहर सिंह के बेटे दीपचंद ने मूसर से कूच-कूच कर मार डाला।
अपना जुर्म कबूलते हुए उसने कहा मैंने अपने सांसारिक रिश्तो का नहीं बल्कि कंस, जरासंध और द्रुमिका का वध किया है। यह लोग मेरे घर वालो के शरीर मे प्रवेश कर कर रहे थे। फिर लोगों पर अत्याचार करते थे। इनके पास जो कोई जाता था ये उन्हें अपने वश में कर लेते थे।
युवक ने ट्रिपल मर्डर करने के बाद खुद थाने पहुंच कर सरेंडर किया, इस बारे में इटावा एस एस पी ने कहा युवक मानसिक तौर पर बीमार लग रहा है। इससे पूछतांछ के बाद हत्या के और पहलू के बारे में जांच होगी।