आज के समय में लोगों की जिंदगी भागदौड़ भरी हो गई है। ये सही है कि शहरों में समय को देखते हुए स्वंय के जीवन में तेजी लाना जरूरी हो गया है लेकिन वो तेजी भी किस काम की जब खुद की जान पर बन आए।
डेमो
इस का बड़ा उदाहरण सामने आया है कानपुर में... यहां झीझक एक व्यक्ती टूंडला पैसेंजर में चड़ते समय जल्दबाजी दिखा रहा था जिसके चलते उसके साथ ऐसी घटना घटी कि वो मौत के मुंह में जाते-जाते बच गया। हालांकि व्यक्ति गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
कानपुर के झीझक रेलवे स्टेशन पर टूंडला पैसेंजर रवाना होने वाली थी। ट्रेन ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ना शुरू किया। तभी अचानक स्टेशन पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और एक कोच की तरफ भागने लगे। भीड़ ने जोर-जोर से चिल्ला कर और हाथों से इशारा करते हुए ट्रेन रोकने के लिए कहा। लेकिन ट्रेन नहीं रुकी। बाद में मामला पता चला।
घायल रामगोपाल
दरअसल, टूंडला पैसेंजर में चढ़ते समय पैर फिसलने से मंगलपुर थाना क्षेत्र के नकटवापुर गांव निवासी रामगोपाल (60) पुत्र फ़कीरेलाल ट्रेन से गिर गए थे। गनीमत रही की ट्रेन से लटके रामगोपाल थोड़ी दूर जाकर प्लैटफॉर्म पर ही गिरे। यदी ट्रैक पर गिरते तो उनकी जान भी जा सकती थी। फिलहाल, गिरने से उन्हें गंभीर चोटे आई हैं। घायल अवस्था में उन्हें जीआरपी व आरपीएफ ने झींझक सीएचसी में भर्ती किया जहां उन्हें बड़े अस्पताल के लिए रिफर कर दिया गया।