कंपनी सचिव अपनी मेधा का इस्तेमाल सिर्फ नौकरी करने भर के लिए इस्तेमाल न करें। इस कठिन दौर में खुद को भी आत्मनिर्भर बनाने में जुटें। कंपनी सचिव आईआईटीयंश की तरह सोचें।
वे लाखों रुपये वेतन के पैकेज को छोड़कर खुद के व्यवसाय में आगे आ रहे हैं तो कंपनी सचिव क्यों नहीं आ सकते। ये बातें सोमवार को कंपनी सचिव संस्थान के आत्मनिर्भर भारत विषय पर आयोजित वेबिनार में कानपुर शाखा के अध्यक्ष सीएस मनोज यादव ने कही।
मुख्य वक्ता रंजीत पांडे ने कहा कि जब किसी कंपनी सचिव का ऑफिस तीन महीने तक बंद रह सकता है तो उन्हें अपने स्टाफ का खर्चा, खुद के खर्चों का प्रबंधन करना सीखना चाहिए। ताकि कंपनी सचिव इंडस्ट्री को इसकी प्रेरणा दे सकें।
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गर्ग ने आपदा में कुशल प्रबंधन और संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की दिशा पर जोर दिया। मुख्य अतिथि औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि इस दौर में आर्थिक गतिविधियों का सुचारु संचालन के लिए आगे आकर इंडस्ट्री की जरूरतों को समझें और उन्हें मुश्किल दौर से बाहर निकालें। संचालन सीएस वैभव अग्निहोत्री ने किया। इस मौके पर सीएस राकेश कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे।