डॉ. अशोक कुमार की अध्यक्षता में डॉ. प्रवीण और डॉ. वी के एस कटियार किए गए शामिल
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर। उर्सला अस्पताल में नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश वर्मा पर ऑपरेशन के नाम पर पैसे लेने और ऑपरेशन नहीं करने के मामले में जांच कमेटी गठित की गई है। बुधवार को निदेशक डॉ. बीसी पाल ने डॉ. अशोक कुमार की अध्यक्षता में डॉ. प्रवीण सक्सेना और डॉ. वीके एस कटियार की तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम गुरुवार से काम करेगी। मामले में ओटी टेक्नीशियन से लेकर स्टाफ तक से सवाल जवाब किए जाएंगे। इसके अलावा रोगी के इंडोस्कोपी भी कराई जाएगी। तीन दिन कमेटी जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।
निदेशक डॉ. बीसी पाल ने बताया कि रोगी सुनीता को बुधवार को जांच कराने के लिए भेजा जा रहा था लेकिन रोगी और उसका पति मुन्नालाल दोनों ही नहीं गए। पहले सुनीता ने कहा कि वो सरकारी में जांच नहीं कराएगी तो प्राइवेट केंद्र से उसकी इंडोस्कोपी कराने के लिए हमने तैयारी की और खर्च भी डॉ. राजेश ने ही दिया। इसके बावजूद उसने मना कर दिया। अब कमेटी मामले की जांच करेगी।
फतेहपुर में 500 रुपये फीस लेकर देखते हैं डॉ. राजेश
उर्सला अस्पताल में भर्ती सुनीता देवी ने बताया कि डॉ. राजेश वर्मा फतेहपुर के मुराइन मोहल्ला स्थित बालाजी मेडिकल स्टोर पर बैठते हैं और 500 रुपये में रोगियों को देखते हैं। हमने भी दिखाया। इन्होंने कई जांचें कराईं। मशीन से जांच की तो आठ सौ रुपये उसके लिए हैं। हमसे 20 हजार रुपये फतेहपुर में ही भर्ती करने के नाम पर ले लिए और कहा कि प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन करेंगे। यहां आकर 30 हजार रुपये डॉक्टर के ड्राइवर ने लिए हैं। कहा कि यहां आयुष्मान कार्ड नहीं लगता है जबकि हमारे पास आयुष्मान कार्ड भी था। इसकी शिकायत डीएम से भी की और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की है। जब तक न्याय नहीं मिल जाता हम यहां से नहीं जाएंगे। वहीं, उर्सला चौकी इंचार्ज राहुल ने बताया कि हमने महिला से कहा कि पहले इंडोस्कोपी की जांच कराओ जिससे पता चलेगा कि ऑपरेशन हुआ है या नहीं।