कमिश्नर कैंप कार्यालय में व्यापारियों के साथ बैठक में वाणिज्य कर अधिकारियों के न आने पर कमिश्नर मोहम्मद के समक्ष आपत्ति जताते व्यापारी।
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कानपुर। व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग विभाग के अफसरों के साथ मीटिंग करने की कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन की रणनीति को वाणिज्यकर अफसरों ने गुरुवार को पलीता लगा दिया। 15 दिन पहले से तय व्यापार बंधु की मीटिंग के लिए एडिशनल कमिश्नर प्रमोद कुमार द्विवेदी समेत विभाग के सभी विंग के अफसर बुलाए गए थे। कमिश्नर ने खुद एडिशनल कमिश्नर को बैठक में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन मीटिंग शुरू हुई तो सिर्फ दो अधिकारी ही पहुंचे। इससे नाराज होकर कमिश्नर मीटिंग छोड़कर चले गए। उन्होंने एडिशनल कमिश्नर से जवाब तलब करने का आदेश अपने पीए को दिया।
कमिश्नर ने दोपहर तीन बजे अपने आवास पर मीटिंग बुलाई थी। व्यापारियों का मजमा लग चुका था, लेकिन समस्या सुनने वाले अफसर गायब थे। कुछ देर बाद वाणिज्य कर के जॉइंट कमिश्नर अनूप माहेश्वरी और राजेश सिंह पहुंचे। एडिशनल कमिश्नर समेत अन्य विंग के अधिकारी गायब थे। कमिश्नर ने अन्य अधिकारियों के न आने का कारण पूछा तो दोनों अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। यह देख व्यापारियों ने नाराजगी जताई। व्यापारी नेताओं ने कहा कि ऐसी मीटिंग का क्या मतलब जहां समस्या सुनने के लिए अधिकारी ही न हों। उन्होंने कमिश्नर से कहा कि जो विभाग आप की नहीं सुन रहा वो व्यापारियों कि भला क्या सुनवाई करेगा। इसी बात पर व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्रा, विनोद गुप्ता, उमंग अग्रवाल, दीप अवस्थी, राजेश गुप्ता, संजय गुप्ता, विनय द्विवेदी आदि ने भी हंगामा किया। व्यापारियों की बात जायज मानकर कमिश्नर ने मीटिंग रद कर दी और मौके पर मौजूद वाणिज्यकर असफरों से नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल ही वाणिज्यकर के एडिशनल कमिश्नर प्रमोद कुमार द्विवेदी से जवाब तलब करने के आदेश दिए। कमिश्नर ने एक सप्ताह के अंदर दोबारा मीटिंग बुलाने को कहा और उसमें खुद एडिशनल कमिश्नर के मौजूद रहने का आदेश दिया।