फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवरात्र आज से, सज गए मंदिर, लग गए मेले

Fri, 08 Apr 2016 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
नवरात्र पर सजा शास्त्रीनगर में काली मठिया मंदिर। - फोटो : amarujala
विज्ञापन

विज्ञापन
कानपुर। चैत्र नवरात्र शुक्रवार (आज) से शुरू हो रहे हैं। शहर के प्रमुख मंदिरों में ही नहीं घरों में भी नवरात्र की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके अलावा मंदिरों के बाहर माता की चुनरी, प्रसाद, पूजा के सामान आदि की दुकानें भी सज गईं हैं। नवरात्र पर मंदिरों में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिरों में पुरुष और महिलाओं की लाइन के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई है। इसके अलावा मंदिरों के बाहर मेले भी लग गए हैं।

तपेश्वरी देवी मंदिर
बिरहाना रोड स्थित इस मंदिर के पट सुबह चार बजे से रात्रि एक बजे तक खुले रहेेंगे। इस मंदिर के बारे में मान्यता हैं कि सीता माता के तप से यहां पर देवी प्रकट हुई थीं। मंदिर के पुजारी शिव मंगल ने बताया कि भगवान राम के पुत्रों लव और कुश का मुंडन संस्कार भी यहीं हुआ था।
विज्ञापन

आशा देवी मंदिर कल्याणपुर स्थित इस मंदिर के पट सुबह पांच बजे खुलेंगे। दोपहर में मंदिर एक घंटे लिए बंद रहेगा।

कलश स्थापना के मुहूर्त
चैत्र के नवरात्र इस बार अश्विनी नक्षत्र और वैधृति योग में हैं। देवी की कलश स्थापना के लिए दिन में तीन मुहूर्त हैं। इसमें तड़के 4:41 से 6:13 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त है। इसके बाद सुबह 9:40 से 11:40 बजे से अभिजीत मुहूर्त है। जो भक्त इस अवधि में घट स्थापना न कर सकें वे दोपहर 12:33 बजे तक भी घट स्थापना कर सकते हैं।

ऐसे करें कलश स्थापना
पंडित मनीष मिश्रा के मुताबिक कलश स्थापना के लिए चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर गणेश लक्ष्मी के बीच में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें। बाईं ओर कलश रखकर उस पर हल्दी और चंदन से स्वास्तिक का निशान बनाएं। कलश में पांत पल्लव, जौ या धान, लाल वस्त्र में लिपटा हुआ नारियल, पान सुपाड़ी, लौंग, इलाइची, कुमकुम, रोली, कलावा और पुष्प आदि अर्पित करें। पूजन के बाद दुर्गा सप्तसती का पाठ अवश्य करें।

बुद्धा देवी मंदिर
हटिया स्थित बुद्धा देवी मंदिर में सुबह चार बजे से पूजा अर्चना शुरू हो जाएगी। दोपहर में 12 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। इसके बाद दोपहर एक बजे से रात एक बजे तक मंदिर खुलेगा।
विज्ञापन

जंगली देवी मंदिर
किदवई नगर स्थित जंगली देवी मंदिर के प्रबंधक डीपी वाजपेयी ने बताया कि मंदिर के पट सुबह पांच बजे खुलेंगे। नौ दिन मइया की अखंड ज्योति जलेगी। सुरक्षा के लिहाज से मंदिर रोड पर सिपाही भी तैनात रहेंगे।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें