कानपुर। सभी महाविद्यालयों को एआई और इनोवेशन के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। तकनीक के इस दौर में संस्थानों को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों को अधिक मेहनत करनी होगी। महाविद्यालयों को सुबह आठ से रात आठ बजे तक खोला जाए जिसमें शिक्षक दो पालियों में कार्य करें। यह बातें छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने डीबीएस कॉलेज और उप्र प्राचार्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में काॅलेज में आयोजित संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह में कही।
संगोष्ठी का विषय शिक्षकों एवं कर्मचारियों के जीवन में स्वास्थ्य सुरक्षा की नई पहल : कैशलेस चिकित्सा रहा। कुलपति ने सुझाव देते हुए कहा कि पहली पाली में पढ़ाई और दूसरी पाली में अनुसंधान, नवाचार और नए कोर्स विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल और सेल्फ फाइनेंस कोर्स बढ़ाकर छात्र संख्या में वृद्धि की जा सकती है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, कुलपति प्रो. पाठक, प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार मिश्रा और विधायक नीलिमा कटियार ने किया।
इससे पहले प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार मिश्रा की अगुवाई में शिक्षकों ने मंत्री का स्वागत कर उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया। विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा से शिक्षक तनावमुक्त रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के साथ संस्कार भी दे रही है। मौके पर महापौर प्रमिला पांडेय, विधायक महेश त्रिवेदी, मुरादाबाद से प्रो. सत्यव्रत रावत, जौनपुर से प्रो. सुरेश पाठक, लखनऊ से प्रो. चंद्रमोहन उपाध्याय, प्रो. सारिका दुबे, मथुरा से प्रो. ललित शर्मा, बहराइच से प्रो. प्रिया मुखर्जी, झांसी से प्रो. संतोष राय, मऊ से प्रो. सर्वेश पांडेय अलावा शहर से प्रो. मुकेश सिंह, प्रो. अंजू चौधरी, प्रो. वंदना निगम, प्रो. सुमन व प्रो. अमर श्रीवास्तव मौजूद रहे।