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एक ही कॉलेज से पढ़े राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री 

Sat, 22 Jul 2017 09:55 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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रामनाथ कोविंद और अटल बिहारी वाजपेई का डीएवी कॉलेज
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रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने के बाद कानपुर को एक साथ दो गौरव मिल गया है। यहां के डीएवी पीजी कालेज में 1946 में अटल बिहारी वाजपेयी भी एमए की पढ़ाई कर चुके  हैं। बाद में वह देश के प्रधानमंत्री बने।
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रामनाथ कोविंद भी डीएवी कॉलेज से बीकॉम की डिग्री हासिल कर चुके हैं। दयानंद शिक्षण संस्थान समूह के सचिव नागेंद्र स्वरूप ने बताया कि रामनाथ कोविंद भी अटल बिहारी जैसे सरल और सौम्य व्यक्तित्व वाले हैं। उनके राष्ट्रपति बनने कानपुर दुनिया के प्रमुख शहरों में शामिल हो गया। यह कानपुर वासियों का सौभाग्य है। उन्होेंने बताया कि डीएवी कालेज में अपनी पढ़ाई के दौरान भी दोनों विभिूतियों ने अपना नाम रोशन किया है। नागेंद्र स्वरूप ने अटल बिहारी और रामनाथ कोविंद के उस रजिस्टर को सहेज कर रखा है जिसमें उनके नाम पढ़ाई के दौरान लिखे गए थे।
  कोरी से कोविंद बने रामनाथ
रामनाथ के कोविंद बनने की कहानी काफी पुरानी है। इनके पिता मैकूलाल कोरी थे। अनुसूचित जाति का होने के साथ ही उनकी सोच काफी अच्छी थी। यही वजह है कि गांव के लोग उनका बड़ा सम्मान करते थे। अपने पिता के बताए रास्ते पर चलते हुए रामनाथ ने पहले अपने नाम के आगे कोविद लिखा। इसी नाम से राज्यसभा सदस्य चुनाव के लिए उन्होेंने पहली बार पर्चा भी भरा था। बाद में वह रामनाथ कोविंद हो गए। उनके कोविंद बनने के बाद परिवार के सभी भाई और उनके परिवार के सदस्य अपने नाम के साथ कोविंद लगाने लगे। उनके तीसरे नंबर के भाई रामस्वरूप ने अपने नाम के आगे भारती लिखते हैं। वह गुना मध्य प्रदेश में रहते हैं, उनका परिवार भी वहीं रहता है। रामनाथ के बड़े भाई के साथी रहे भोलेशंकर श्रीवास्तव बताते हैं कि पहले इनका परिवार कोरी ही लिखता था। रामनाथ ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर अपना मुकाम हासिल किया। बाद में वे कोविंद लिखने लगे।
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