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4 हजार से 7 सौ रह गए छात्र तो कोचिंग पार्टनर बन गया शैतान, शूटरों का किया इंतजाम, फिर हुआ ये सब

Sat, 01 Dec 2018 12:18 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कोचिंग संचालक रघुराज
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कानपुर एम ब्लॉक काकादेव में एक महीने पहले कोचिंग संचालक अभिषेक दिवोलिया की हत्या की कोशिश के मामले में उसके पार्टनर रहे कोचिंग संचालक रघुराज को पुलिस ने जेल भेज दिया। पूछताछ में रघुराज ने पुलिस को बताया कि अभिषेक के अलग कोचिंग खोलने से उसे काफी आर्थिक नुकसान हुआ। आगरा में रहने वाले मामा चल्ला उर्फ उम्मेद सिंह के जरिए उसने शूटरों का इंतजाम किया था, जिन्होंने अभिषेक को गोली मारी थी। पुलिस ने चल्ला की तलाश तेज कर दी है। एक टीम उसे दबोचने आगरा गई है।
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कल्याणपुर पुलिस ने आरोपी कोचिंग संचालक रघुराज को 21 नवंबर को पकड़ा था। रघुराज को जेल न भेजने पर पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान लग रहे थे। शुक्रवार को पुलिस ने लंबी पूछताछ के बाद रघुराज को गिरफ्तार दिखाया। दोपहर बाद उसे कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया।

 
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वह नुकसान बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था

थानाप्रभारी सतीश कुमार सिंह के मुताबिक रघुराज ने पूछताछ में कहा कि अभिषेक और वह एक साथ फिजिक्स की कोचिंग चलाते थे। तब कोचिंग में चार हजार छात्र थे। अभिषेक के कोचिंग अलग करने के बाद उसकी कोचिंग में छात्रों की संख्या 600-700 रह गई थी। नुकसान वह बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। यह बात उसने आगरा के नानमऊ, खंडोली निवासी अपने मामा चल्ला उर्फ उम्मेद सिंह को बताई थी।

इसके बाद उम्मेद ने अभिषेक की हत्या की साजिश रची। उसने अभिषेक को मारने के लिए शूटर भेजे थे। शूटर कौन थे और कहां से आए थे। उसे नहीं पता है। थानाप्रभारी के मुताबिक उम्मेद हत्या के एक मामले में आगरा जेल में बंद रहा है। उसके दो भाई हत्या के मामले में आगरा जेल में ही आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। उम्मेद के पकड़े जाने के बाद ही शूटरों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। 
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