मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मात्र 46 मिनट में अन्ना पशु, स्वास्थ्य और विकास कार्यों का जायजा लिया। कान्हा पशु आश्रय केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और क्षेत्र पंचायत कार्यालय का निरीक्षण किया। महिला समूह की लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी सौंपे। सीएम योगी ने कहा कि गायों को एक दिन खिलाने से इनका भला नहीं होगा। इनको नियमित रूप से पौष्टिक भोजन दिया जाए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेलीकाप्टर से दोपहर 1.55 बजे एसएन इंटर कालेज में बने हेलीपैड पर उतरे। कमिश्नर शरद कुमार सिंह, डीआईजी दीपक कुमार, डीएम हीरालाल, एसपी गणेश प्रसाद साहा सहित अन्य अफसरों, सांसद आरके सिंह पटेल और सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल आदि ने अगवानी की। मुख्यमंत्री यहां से सीधे नगर पंचायत द्वारा संचालित कान्हा पशु आश्रय केंद्र पहुंचे।
करीब 10 मिनट के निरीक्षण में कुछ बछड़ों को अपने हाथों से गुड़ और चने दिए। हालांकि तामझाम से सहमे बछड़ों ने कुछ नहीं खाया। मुख्यमंत्री ने उन्हें दुलारा भी। कहा कि गायें कमजोर हैं। इन्हें पौष्टिक आहार और दिया जाए। निरीक्षण के समय चारा-भूसा से भरी चरही देखकर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दिन के खिला देने से कुछ नहीं होता। डीएम हीरालाल ने उन्हें गोशाला व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
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मुख्यमंत्री यहां से सीधे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां भर्ती जरिया गांव के अजय से हालचाल जाना। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार से पूछा कि भवन किराये का है या निजी। सीएमओ ने बताया कि विभागीय भवन है। दवा वितरण काउंटर पर रोशनी कम देखकर नाराजगी जताई। क्षेत्र पंचायत कार्यालय में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिला समूहों से मिले और छह महिलाओं को जीविका के लिए वाहन की चाबी और स्वामित्व संबंधी प्रमाणपत्र सौंपे।
बुंदेलखंड महिला सशक्तिकरण ब्वायलर पालन योजना में 1680 महिला लाभार्थियों को आजीविका मिशन के तहत 30 हजार रुपये प्रति महिला हितग्राही को बैकयार्ड पोल्ट्री अनुदान दिया। इफ्को के काउंटर में सामग्री पॉलिथीन से पैक होने पर मुख्यमंत्री ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पॉलिथीन का प्रयोग बिल्कुल न करें। फिनायल में गोमूत्र प्रयोग करने को कहा। कैंटीन संचालिका लक्ष्मी देवी से बातचीत की। मुख्यमंत्री का काफिला 2 बजकर 41 मिनट पर बांदा के लिए सड़क मार्ग से रवाना हो गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में पूर्व में तय हुआ था कि बांदा कृषि विश्वविद्यालय हेलीपैड पर उतरकर सड़क मार्ग से तिंदवारी जाएंगे, लेकिन देर रात उनके कार्यक्रम में यह बदलाव हो गया कि वे तिंदवारी में ही हेलीकाप्टर से उतरेंगे। वहां के कार्यक्रम निपटाकर हेलीकाप्टर से बांदा आएंगे।
अधिकारियों ने लगभग 28 किलोमीटर सड़क मार्ग का सफर रद्द हो जाने पर राहत की सांस ली थी, लेकिन निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने अचानक सड़क मार्ग से ही बांदा जाने का निर्णय लिया। इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री का काफिला करीब पौने 3 बजे बांदा के लिए रवाना हो गया। हेलीकाप्टर सीधे बांदा पहुंचा।
मुख्यमंत्री की सुरक्षा ने राहगीरों और दुकानदारों को खासा परेशान किया। मुख्यमंत्री के यहां से कूच कर जाने के बाद ही संबंधित क्षेत्रों की दुकानें खोलने की अनुमति मिली। दुकानदारों को काफी नुकसान हुआ। बांदा-टांडा नेशनल हाईवे पर भी गिनेचुने लोग ही नजर आए। किसी भी राहगीर को कहीं रुकने की इजाजत नहीं थी।
फुटपाथों से छोटे दुकानदार और ठिलिया लगाने वालों को भी अनुमति नहीं मिली। सुबह 10 बजे से ही धीरू ढाबे के पास से किसी वाहन को कस्बे की तरफ नहीं आने दिया गया। पिपरगवां, बबेरू, पपरेंदा, बंबिया की तरफ से आने वाले वाहन दो किलोमीटर पहले रोक दिए गए। मुख्यमंत्री के आने के एक घंटे पहले पैदल यात्रियों पर भी रोक लगा दी गई। कफ्र्यू जैसा सन्नाटा रहा।ा
उन्नाव कांड सहित बिगड़ती कानून व्यवस्था के अन्य मुद्दों पर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाकर विरोध जताने का मंसूबा कांग्रेसी पूरा नहीं कर पाए। भनक लगते ही पुलिस ने उन्हें उनके कार्यालय से बाहर निकलते ही हिरासत में ले लिया। कई घंटे पुलिस लाइन में रखने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। कांग्रेस नेता काले झंडे और काले गुब्बारे दिखाना चाहते थे।
आरोप लगाया कि पुलिस ने बदसलूकी की। बंदियों को ले जाने वाली वैन में ले जाया गया। जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में मोदी-योगी के विरुद्ध नारे गूंजते रहे। विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष सहित पूर्व शहर अध्यक्ष मोहम्मद इदरीश, बी. लाल, अफसाना बेगम, धीरेंद्र पटेल, अशरफ उल्ला रंपा, कैलाशनाथ वाजपेयी, राजेश गुप्ता, जिलानी दुर्रानी, सैय्यद अल्तमश हुसैन, मकसूद अहमद, सद्दाम खां, छेदी धुरिया, राजबहादुर गुप्ता, गीतारानी, पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, राममिलन सिंह पटेल, शब्बीर सौदागर आदि शामिल रहे।