उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को कानपुर शहर पहुंचे थे। यहां उन्होंने इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के कंट्रोलरूम से ऑनलाइन चालान काटने के साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम से ट्रैफिक संभालकर आईटीएमएस का शुभारंभ किया।
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर उन्होंने पौधरोपण करके लोगों से यातायात जागरूकता के साथ ही शहरवासियों से पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की अपील की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईटीएमएस के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों का ई-चालान भी काटा साथ ही उन्होंने विजय नगर और बड़े चौराहे पर लगायी गयी स्क्रीन से शहरवासियो को यातायात के नियमों और पर्यावरण प्रदूषण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है की कानपुर शहर को और स्वच्छ और निर्मल बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि जिन्होंने भारत की इस पौराणिक नदी को राष्ट्रीय नदी के रूप में 'नमामि गंगे परियोजना' को देश के अंदर लागू किया है। यह केवल सरकारी अभियान न बन जाए। इसके लिए सभी को प्रयास करने होंगे। सात अप्रैल को इसका शुभारंभ प्रयागराज की धरती पर किया गया था।
वास्तव में मैं इस प्रोजेक्ट को देखता था तो यही सोचता था कि कार्य करने का जज्बा होना चाहिए लोगों के अंदर। अपने काम के जरिए लोग अपना एक अलग स्थान समाज में बना सकते हैं। पर्यावरण मंत्रालय ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अभिनव प्रयोग शुरू किए हैं। अब टूरिज्म के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं इसका फायदा लोगों को मिलेगा। आज हम सभी इस स्थिति में आए हैं कि उत्तर प्रदेश के अंदर लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी गंगा मैय्या तय करती है। इतने हजारों वर्षों की विरासत के साथ आप गंगा से जुड़ते हैं जब उनका दर्शन करते हैं। गंगा को साफ-सुथरा बनाए रखने में जनता का सहयोग बहुत जरूरी है। हमें नदियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना है।