बिठूर के पत्थर घाट पर गंगा आरती करते समय सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों को नसीहत दी। उन्होंने जल और दूध से गंगा मइया का अभिषेक किया लेकिन फूल गंगा में प्रवाहित नहीं किए बल्कि एक बाल्टी में डाल दिए।
इसके बाद गंगा की महाआरती की। पांच मिनट आरती होने के बाद उन्होंने अपने पास खड़े सांसद देवेंद्र सिंह भोले, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, एमएलसी अरुण पाठक, विधायक नीलिमा कटियार से कहा कि गंगा की धारा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए सबसे पहले लोगों को ही जागरूक होना पड़ेगा।
सिर्फ कहने से काम नहीं चलेगा। यदि हम ही गंगा में फूल-पत्ती डालेंगे तो फिर लोगों को क्या संदेश देंगे। इसलिए अभिषेक करना है तो जल और दूध से कीजिए। आरती में तिरंगा अगरबत्ती के एमडी नरेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे।
गंगा में बढ़ते प्रदूषण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चिंता बुधवार को बिठूर महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर नजर आई। उन्होंने कहा कि कानपुर से प्रयाग (इलाहाबाद) के बीच गंगा सबसे ज्यादा प्रदूषित हैं।