सपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश के महोगा जिले के 56 तालाबों की बिना टेंडर के खुदाई कराने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच रिपोर्ट आने के बाद सिंचाई प्रखंड महोबा के तत्कालीन अधिशासी अभियंता विशंभर सिंह, अधीक्षण अभियंता बांदा दिनेश सिंह सचान और झांसी के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता नवनीत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मुख्यमंत्री की इस कार्रवाई से सिंचाई महकमे में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि मई 2016 में महोबा शहर के कीरत सागर, कल्याण सागर, मदन सागर, रहलिया, सिजहरी और चरखारी नगर के सात तालाबों समेत 56 तालाबों की तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर खुदाई कराई गई थी।
जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डेढ़ माह पहले महोबा जिले के तालाब खुदाई की जमीनी हकीकत जानने के लिए लखनऊ से टीम भेजी थी। टीम ने जिला मुख्यालय में रुककर तालाबों की खुदाई की जांच की थी। टीम ने जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रेषित की।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अंबिका सिंह के नेतृत्व में जांच टीम ने तालाबों की खुदाई की नाप और तालाब किनारे बने घाट का बारीकी से निरीक्षण किया था। इसके बाद टीम ने अभिलेखों से मिलान कर रिपोर्ट तैयार करके मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दी थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अभियंताओं को निलंबित कर दिया।