हमीरपुर/महोबा। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा को भरपूर वोटों और सीटों की सौगात देने वाले बुंदेलखंड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूसरी बार आमद भी कुछ खास नहीं रही। अलबत्ता वादे और इरादे खूब जताए। बुंदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित करने और यहां के छोटे-बड़े सभी किसानों का कर्ज माफ करने की यहां के सांसद और विधायकों सहित अन्य जन प्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं की पुरजोर वकालत और गुजारिश के बावजूद मुख्यमंत्री ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की।
सत्ता की बागडोर संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ दूसरी बार बुंदेलखंड में थे। हमीरपुर और महोबा में किसानों की कर्जमाफी और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र बांटने के बाद हमीरपुर में 30 मिनट और महोबा में करीब 20 मिनट के भाषण में मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के कसीदे खूब पढ़े। कहा कि यह वीरों की धरती है। रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और झलकारी बाई की धरती है। मुख्यमंत्री ने कर्जमाफी, प्रधानमंत्री आवास, मुफ्त बिजली कनेक्शन, राशन कार्ड इत्यादि योजनाओं के बारे में प्रदेश के आंकड़े बताते हुए हमीरपुर और महोबा में इन योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या भी गिनाई। नया कुछ नहीं दिया।
पिछली सरकारों में उपेक्षित रहा बुंदेलखंड
सीएम योगी आदित्यनाथ को सुनते लोग
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में बुंदेलखंड उपेक्षित रहा। इसी वजह से यहां विषम परिस्थितियां हैं। लेकिन अब यहां की दो प्रमुख संकटों पानी और अन्ना प्रथा का समाधान करने के लिए यूपी सरकार कटिबद्ध है। बुंदेलखंड की धरती को प्यासा नहीं रहने दिया जाएगा। गोसेवा आयोग हर जिले में गोवंश अभ्यरण्य बना रहा है। इसके पहले ही आदेश दिए जा चुके हैं। स्थानीय गोरक्षा समितियां और आम लोग भी इसमें सहयोग करें। यह गलत है कि गाय का दूध निकाल कर उसे छोड़ दें।
जातिवाद ने देश और प्रदेश का बेड़ा गर्क कर दिया
जनसभा स्थल पर लंच पैकटों से भूख मिटाते ग्रामीण
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उन्होने कहा कि जातिवाद ने देश और प्रदेश का बेड़ा गर्क कर दिया। नवजवान और किसान बदहाल हो गए। लेकिन अब गांव, गरीब, नवजवान और किसान का हम विकास करेंगे। बुंदेलखंडियों से कहा कि जल संरक्षण पर तवज्जो दें। सरकार केन-बेतवा के साथ अर्जुन सहायक परियोजना को पूरा करेगी।
खनन के गढ़ हमीरपुर और महोबा में मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर बहुत ज्यादा नहीं बोले। महोबा में सिर्फ इतना कहा कि जब सरकार का नियंत्रण हट जाता है तो माफिया हावी हो जाते हैं। पिछली सरकार में यही हुआ। यहां तक की हाईकोर्ट और एनजीटी को रोक लगानी पड़ी। हमने अब हाईकोर्ट से अनुमति ले ली है। खनन के पट्टे किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि खनिज संपत्ति के आसमान छूते भाव धरातल पर गिरेंगे। ताकि आम आदमी को परेशानी न हो।