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स्वच्छता दूत मानसी ने 'आग्रह को बनाया हथियार', राष्ट्रपति ने सराही सोच

Mon, 17 Sep 2018 01:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मानसी द्विवेदी
कानपुर नगर जिला मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर शुक्लागंज के कंचननगर में रहती हैं स्वच्छता दूत मानसी। वह कहती हैं एक आदत सी बन गई है, जब भी किसी को कहीं भी कूड़ा फेंकते देखती हूं तो कदम उसकी ओर बढ़ जाते हैं। कुछ सुधार जबरदस्ती नहीं आते, इसलिए तय किया कि किसी को मना नहीं करूंगी।
आग्रह को ही हथियार बनाऊंगी। मानसी का मानना है कि बच्चों को ट्रैंड करो तो घर तक संदेश पहुंच जाएगा। इसलिए हम प्राइमरी स्कूल में नाटक, संगीत, खेल के जरिए बच्चों से संवाद करते हैं। हम स्वच्छता दूत की नई पौध तैयार करना चाहते हैं। मानसी को 2017 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष स्पीच के लिए चुना गया और राष्ट्रपति ने उनकी सोच को सराहा। 
 
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मानसी द्विवेदी
एक साल पहले 15 सितंबर को कानपुर के ईश्वरीगंज गांव में पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी सविता कोविंद पर मानसी ‘बिटिया का जादू’ खूब चला था। मानसी की बुलंद आवाज सुनकर राष्ट्रपति की पत्नी ने उसे मंच पर बुलाया और शाबादी दी थी। कानपुर की बिटिया मानसी द्विवेदी बुलंद आवाज के साथ स्वच्छता पर ऐसी गरजी कि राष्ट्रपति के मंच पर उसका जादू चल गया।
राष्ट्रपति उससे इतना प्रभावित हुए कि उसे दुलारा, हाथ मिलाया, शाबाशी दी और राष्ट्रपति भवन आने का न्योता दे दिया। उन्होंने कहा कि अगर मानसी मुझसे मिलने राष्ट्रपति भवन आएगी तो मुझे बहुत खुशी होगी। एनसीसी कैडेट मानसी द्विवेदी को स्वच्छता पर बोलने के लिए दो मिनट का मौका मिला था। एनसीसी की ड्रेस में मंच पर पहुंचते ही जैसे ही उसने बोलना शुरू किया, सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
 
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मानसी द्विवेदी
मानसी ने कड़क आवाज में कहा था कि ‘उस भारत के पुत्र हो तुम जिसे भारत मां कहकर बुलाते हो, क्या घर पर रहने वाली जननी मां पर पान थूककर आते हो,  उसके आंचल पर भी क्या तुम यूं ही दाग लगाते हो। इसके बाद करीब डेढ़ मिनट तक मानसी धारा प्रवाह बोलती रही।’ भाषण खत्म होने के बाद जाते समय मानसी को राष्ट्रपति और उनकी पत्नी ने अपने पास बुलाकर शाबाशी दी। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान कई बार मानसी की जमकर तारीफ की। राष्ट्रपति से सराहना मिलने पर मानसी बहुत खुश है।वह कहती है कि राष्ट्रपति से सराहना मिलने के बाद उसे लग रहा है कि वह अच्छी वक्ता है। वह इसे और बेहतर करने का प्रयास करेगी।
 
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मानसी द्विवेदी
मानसी ने कहा कि जिंदगी में यह नया अनुभव है। राष्ट्रपति के मंच से भाषण देने और उनकी सराहना मिलने की बात कभी सोची भी नहीं थी। इसका श्रेय मां, पिता और एनसीसी अफसर कर्नल शुभ्रा राजपूत को जाता है। मानसी आईएएस बनना चाहती है।
मानसी को जानिए
कानपुर सिविल लाइंस स्थित दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में मानसी द्विवेदी बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा है। इसके साथ ही एनसीसी कैडेट भी है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम में स्वच्छता पर भाषण देने के लिए उन्होंने एनसीसी हेड क्वार्टर में अपना प्रजेंटेशन दिया था। कानपुर शहर भर के कॉलेजों में सबसे बेहतर प्रजेंटेशन देने के कारण मानसी को राष्ट्रपति के मंच से बोलने का मौका मिला। शुक्लागंज के कंचन नगर में रहने वाली मानसी के पिता एलबी द्विवेदी दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में क्लर्क हैं। मां का नाम बबिता द्विवेदी है।
  
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