पाकिस्तान के आईएसआई एजेंट के हनीट्रैप में फंसे डिफेंस मैटेरियल एंड स्टोर रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट (डीएमएसआरडीई) के दोनों वैज्ञानिकों को एटीएस ने क्लीन चिट दे दी है। वैज्ञानिकों के खिलाफ कोई भी साक्ष्य नहीं मिले हैं। लिहाजा एटीएस की जांच टीम ने एक साल बाद फाइल बंद कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
पिछले साल अक्तूबर में नागपुर स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ब्रह्मोस यूनिट में कार्यरत निशांत अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ में डीएमएसआरडीई कानपुर के दो वैज्ञानिकों (एक महिला व एक पुरुष) के भी नाम सामने आए थे। महिला वैज्ञानिक का कुछ दिन पहले रिटायरमेंट हो चुका है।