कानपुर देहात। हरा चारा न मिलने समेत अन्य अव्यवस्थाओं से गोशलाओं में मवेशियों की मौत पर अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई होने लगी है। खरकपुर गोआश्रय स्थल में एक मवेशी की मौत के बाद बिना सूचना दिए शव दफनाने व फोटो देखकर पंचनामा भरने पर सीडीओ ने डिप्टी सीवीओ, पशु चिकित्सक, बीडीओ, एडीओ पंचायत व ग्राम सचिव का वेतन रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
अकबरपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत निबौली बुजुर्ग के मजरा खरकपुर के गोआश्रय स्थल में मवेशियों को हरे चारे के स्थान पर केवल सूखा भूसा दिया जा रहा है। इससे वह कमजोर होकर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। उनकी मौत हो रही है। नौ अप्रैल को एक मवेशी की मौत के बाद बुधवार रात एक और मवेशी ने दम तोड़ दिया था। इसे छिपाने के लिए जिम्मेदारों ने एक खेल कर दिया। मौत के बाद मवेशी के शव को दफना दिया गया। मामला खुला जो पशु चिकित्सक ने मवेशी की पूर्व स्थिति व फोटोग्राफ देखकर पंचनामा भरने की बात कही। शाम को इसी तरह खानापूरी कर दी गई। अकबरपुर के डिप्टी सीवीओ भगवान सिंह ने इसे गलत बताते हुए मौके पर ही पंचनामा भरे जाने का नियम होने की बात स्वीकार की थी। जिम्मेदारों की करतूत शुक्रवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद अफसर हरकत में आए। सीडीओ ने आनन-फानन अकबरपुर के उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भगवान सिंह, पशु चिकित्सक डॉ. आईए सिद्दीकी, अकबरपुर बीडीओ धनप्रसाद, एडीओ पंचायत ओमप्रकाश पाठक व ग्राम सचिव शिवम अग्निहोत्री का वेतन रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
खरकपुर गोआश्रय स्थल में मवेशी की मौत को छिपाने व बाद में फोटो देखकर शव का पंचनामा भरने के मामले में डिप्टी सीवीओ, पशु चिकित्सक, बीडीओ, एडीओ पंचायत व ग्राम सचिव का वेतन रोकते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। सुधार न होने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-सौम्या पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी