सीओ साहब ने भरी दुपहरिया बेकसूर युवती को दौड़ाया, रिक्शे में लदवाकर स्कूटी कोतवाली भिजवाई
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में मंगलवार समय दोपहर 12:40 बजे। शिवाला गेट के सामने स्थित एक रेस्टोरेंट के पास सड़क के किनारे एक स्कूटी खड़ी है। इसी दौरान पॉलिथीन पकड़ने निकले सिटी मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश श्रीवास्तव और सीओ कोतवाली राजेश पांडेय की नजर स्कूटी के आसपास फैली पॉलिथीन पर पड़ती है।
तेज धूप में सीओ साहब का पारा हाई हो जाता है। बोल पड़ते हैं कि कितनी गंदगी फैला रखी है। ये स्कूटी यहां कैसे खड़ी है। उठवाओ इसे, भेजो कोतवाली। यह सुनकर सामने की पट्टी से 17-18 साल की नैन्सी आ जाती है। धूप से चेहरा लाल, आंखों में आंसू भर आते हैं, जुबान साथ नहीं देती है। रुंधी आवाज में बोल निकले, अंकल स्कूटी तो किनारे खड़ी है। इससे जाम भी नहीं लग रहा। रिक्शे में स्कूटी लादते हुए देख रो पड़ी, अंकल स्क्रैच लग जाएंगे। छोड़ दीजिए..मैं सामने कॉपी देख रही थी। अब यहां कभी स्कूटी नहीं खड़ी करूंगी।
बिटिया की बात सुनकर कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई। सीओ साहब के पास पहुंचे और बोले, छोड़िए सर बच्ची है। उसने स्कूटी किनारे खड़ी की थी। ये गंदगी तो दुकान वाले फैलाते हैं। इसमें बच्ची का क्या कसूर। सीओ साहब और कड़क हुए, ये देखिए गंदगी, मुकदमा लिखवाऊंगा मुकदमा।
यह सब सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हो रहा था। फिर भी वह चुप्पी साधे थे। नैन्सी फिर बोल उठी, अंकल स्कूटी छुड़वा दीजिए..। सीओ साहब बोले, हूं...जाओ कोतवाली..वहीं से छूटेगी। इसी दौरान स्कूटी लादकर रिक्शा चलने लगा तो नैन्सी ने उसके पीछे दौड़ लगा दी। वह रिक्शे के पीछे भरी गर्मी हांफते हुए दौड़ रही थी और बोले जा रही थी..भैया रिक्शा थोड़ा धीमा चलाओ। नैन्सी के साथ एक और लड़की दौड़ रही थी। उससे पूछा गया कि वह क्यों रिक्शे के पीछे जा रही है तो बताया कि वहीं उसकी स्कूटी भी खड़ी थी। वह भी लदवाकर कोतवाली भेज दी है।
दोनों लड़कियां कोतवाली पहुंचीं। वहां कहती रहीं कि सीओ अंकल ने स्कूटी छोड़ने को कह दिया है, दे दीजिए स्कूटी। करीब आधा घंटा बाद दोनों लड़कियों को स्कूटी दी गईं। सीओ का कहना है कि सड़क के किनारे स्कूटी खड़ी थी। इसलिए कोतवाली भिजवा दीं थीं। बाद में छोड़ दी गईं।
भूले डीएम साहब की नसीहत
सोमवार को जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने पॉलिथीन पकड़ने का अभियान चलाने से पहले मातहतों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट भी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने सभी अफसरों से कहा था कि अभियान के दौरान संयम से काम लिया जाए। किसी से अभद्रता न की जाए। अनावश्यक किसी को परेशान नहीं किया जाए। फिर भी अफसर इस नसीहत को भूल गए। पॉलिथीन से दूर-दूर तक कोई मतलब न रखने वाली नैन्सी को भरी दुपहरिया परेशानी में डाल दिया गया।