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नागरिकता कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरे सपाई, पुलिस से नोकझोंक के बाद कानपुर में 80 से अधिक गिरफ्तार

Thu, 19 Dec 2019 02:15 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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नागरिकता कानून के विरोध में सपाइयों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा यूपी के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन को लेकर पुलिस अलर्ट है। कानपुर समेत आसपास के सभी जिलों में समाजवादी पार्टी कार्यालयों से लेकर शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
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नागरिकता कानून के विरोध में कानपुर के शिक्षक पार्क और फूलबाग में सपाइयों ने प्रदर्शन किया। पुलिस से नोकझोंक के बाद यहां 80 से अधिक सपाई गिरफ्तार गिए गए। 

चित्रकूट में नागरिकता कानून और महंगाई के विरोध में सपाइयों को प्रदर्शन करने से पुलिस ने रोक दिया। नाराज सपाइयों ने पुलिस से नोकझोंक के बाद गिरफ्तारी दी। 
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वहीं उन्नाव जिले में कलक्ट्रेट गेट के पास सपाइयों ने धरना दिया। जिले के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। बांदा जिले में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

जालौन जिले में धरने के लिए जाते सपाइयों को पुलिस ने बल प्रयोग कर बीच रास्ते में रोक लिया। चौराहे पर सीओ और एसडीएम ने ज्ञापन लिया।
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सीएए के विरोध में सपाइयों का प्रदर्शन, बट मारने का लगाया आरोप
फर्रुखाबाद में सीएए के विरोध में समाजवादी पार्टी के धरना प्रदर्शन के लिए पुलिस व प्रशासन पहले से ही सतर्क था। कलेक्ट्रेट में पुलिस व पीएसी लगाई गई। तिराहे चौराहों पर भी पुलिस की कड़ी मुस्तैदी रही। धरना प्रदर्शन के लिए सपाई डीआईओएस कार्यालय में एकत्र हुए।

सपा जिलाध्यक्ष नदीम फारुकी, राजेपुर ब्लॉक प्रमुख सुबोध यादव के नेतृत्व में सपाई कचहरी तिराहे पर पहुंचे। पुलिस ने सपाइयों को रोक लिया। इस बीच सपा नेता पुष्पेंद्र यादव ने पुलिस पर बट मारकर घायल कर देने का आरोप लगाया और हंगामा कर दिया। किसी तरह समझा कर मामला शांत किया गया। कलेक्ट्रेट गेट के बाहर सपाइयों ने धरना प्रदर्शन कर एडीएम विवेक श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा।

सपाइयों में दिखी गुटबाजी
सपा के धरना प्रदर्शन को लेकर पार्टी में ही दो गुट नजर आए। एक गुट का नेतृत्व जिलाध्यक्ष के अलावा ब्लॉक प्रमुख सुबोध यादव करते दिखे। जबकि दूसरे गुट का पूर्व राज्य मंत्री नरेंद्र सिंह यादव के बेटे सचिन यादव नेतृत्व करते नज आए। दोनों गुटों ने अलग-अलग ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
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