कानपुर। जनगणना की तैयारियों के बीच निबंधन विभाग में सर्किल दर संशोधन की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर पहली बार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक समान व्यवस्था लागू करने की कवायद चल रही है, लेकिन काम अधूरा होने से नए सर्किल दर अब अगस्त तक लागू होने की संभावना है।
इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि मुख्य सड़क का सर्किल दर गलियों में स्थित मकानों, दुकानों और गोदामों पर लागू नहीं होगा। यानी गली की संपत्तियों का मूल्यांकन अलग श्रेणी में किया जाएगा। राजस्व और निबंधन विभाग की संयुक्त टीमें गलियों का सर्वेक्षण कर अलग प्रतिवेदन तैयार कर रही हैं, ताकि वर्षों से चल रहे विवाद खत्म किए जा सकें।
सूत्रों के मुताबिक, नए सर्किल दर में 15 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। सबसे ज्यादा असर नगर निगम सीमा से जुड़े क्षेत्रों में देखने को मिलेगा, जहां जमीन और संपत्तियों के दाम तेजी से बढ़े हैं। नए दर लागू होने से पहले बाजार में सुस्ती आने की आशंका जताई जा रही है।
सितंबर 2025 में सर्किल दर में 40 से 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। जिसके बाद तीन से चार महीने तक बैनामों की संख्या में 15 से 25 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई थी। सहायक महानिरीक्षक स्टांप श्याम सिंह बिसेन ने बताया कि नई सूची तैयार करने में अभी समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि दरें लागू करने से पहले दावे और आपत्तियां मांगी जाएंगी, जिसके बाद अंतिम दरें घोषित होंगी।