सेहत और बच्चों का भविष्य दोनों खतरे में
वहीं, नशे की शुरुआत मासूम बच्चों से करवा रहा है। यह न सिर्फ नैतिकता बल्कि चिकित्सा पेशे के मूल सिद्धांतों के खिलाफ भी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसे लोग स्वास्थ्य सेवाओं में बने रहेंगे, तो समाज की सेहत और बच्चों का भविष्य दोनों खतरे में पड़ सकते हैं। हालांकि, अमर उजाला संवाद इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन अगर वीडियो सही पाया गया।
डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
तब यह मामला सीधे-सीधे बाल संरक्षण कानून, चिकित्सा आचार संहिता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के नियमों का उल्लंघन है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस वायरल वीडियो पर क्या कार्रवाई करते हैं, या यह मामला भी कई अन्य घटनाओं की तरह महज चर्चा तक सिमट जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।