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सीआईबी ने अवैध ढंग से टिकट बेचने में गुरसहायगंज स्टेशन के बाहर छापामार कर दो को पकड़ा, एक आरोपी फरार

Mon, 26 Aug 2019 07:33 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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टिकट काउंटर (सांकेतिक तस्वीर)
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फर्रुखाबाद में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की क्राइम इंटेलीजेंस ब्रांच (सीआईबी) इज्जतनगर टीम ने छापा मारकर तत्काल टिकटों का अवैध कारोबार करने वाले दो लोगों को दबोच लिया। इनका एक साथी भागने में कामयाब रहा। सीआईबी ने आरपीएफ में मुकदमा दर्ज कराया है।
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आरोपियों के पास से 15 हजार रुपये कीमत के पांच टिकट बरामद हुए हैं। दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया है। आरपीएफ की इंटेलीजेंस ब्रांच को लंबे समय से टिकटों के अवैध कारोबार की सूचना मिल ही थी। सीआईबी इंस्पेक्टर मयंक चौधरी ने पूरी टीम के साथ गुरसहायगंज स्टेशन के बाहर जीटी रोड दिलशादनगर में राधा कंप्यूटर पर छापा मारकर दो लोगों को दबोच लिया।

 
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पूछताछ में उन्होंने अपने नाम कपिल देव पुत्र सुरेश चंद्र, ग्राम बलीपुर थाना शमसाबाद तथा आलोक कुमार पुत्र स्व. ओमप्रकाश, निवासी दिलशादनगर बताया। इंटेलीजेंस को कपिल के पास दो तत्काल टिकट सुल्तानपुर से लोकमान्य तिलक तथा एक ई-टिकट कन्नौज से बांद्रा का बरामद हुआ। आलोक के पास से मिले टिकटों में एक कानपुर सेंट्रल से लोकमान्य तिलक तथा दूसरा कन्नौज से बांद्रा तक का था।

इन पांचों टिकट की कीमत 15 हजार रुपये बताई गई। छापामारी के दौरान मौका पाकर रानू पुत्र अज्ञात निवासी दिलशादनगर, गुरसहायगंज फरार हो गया। सीआईबी के इंस्पेक्टर ने स्थानीय आरपीएफ थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पकड़े गए दो आरोपियों को जेल भेज दिया है। फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी को आरपीएफ छापामारी कर रही है।
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दो टिकट करवाईं ब्लाक
आरोपियों से जो टिकट बरामद हुए हैं, उनमें से तीन टिकटों पर यात्रा  तारीख निकल चुकी है, जबकि दो पर सोमवार को यात्रा होनी थी। लिहाजा आरपीएफ ने इन दोनों टिकटों को ब्लाक करवा दिया है।

फतेहगढ़ के बड़े जालसाज की तलाश
सीआईबी के हत्थे जो दो तस्कर चढ़े हैं, वे तो सदस्य भर हैं। सरगना की अभी तलाश जारी है। गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि वह आधी कीमत पर फतेहगढ़ सुभाष चौराहे के पास सड़क पर घूमते हुए मिलने वाले एक व्यक्ति से टिकटें लेकर आते थे।

यहां बेचकर कुछ पैसा कमा लेते हैं। इससे साफ हो गया कि फतेहगढ़ में अवैध टिकट बेचने का बड़ा जालसाज बैठा है। उसका धंधा कई इलाकों में फैला हुआ है। आपीएफ की सीआईबी उसकी भी सुरागरशी में लग गई है।
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