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Kanpur News: कानपुर, कानपुर देहात, फतेहपुर के भूजल से दूर होगा क्रोमियम

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कानपुर। कानपुर, कानपुर देहात और फतेहपुर के भूजल में मिले क्रोमियम को दूर करने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आईआईटी कानपुर के साथ क्रोमियम के सूक्ष्म कणों को नष्ट करने और दूषित भूगर्भ जल को साफ करने की योजना बनाई है। दोनों के बीच करार हुआ है। इस कार्य के लिए शासन से 2.65 करोड़ का बजट मिला है। आईआईटी के वैज्ञानिक अगले हफ्ते से सर्वे कार्य शुरू कर सकते हैं।
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कानपुर नगर के जाजमऊ, नौरैयाखेड़ा, जूही बम्बुरहिया, तेजाब मिल कालोनी, राखी मंडी सहित आठ मोहल्लों में भूगर्भ जल प्रदूषित है। यहां का भूजल क्रोमियमयुक्त है। जलकल ने जूही बम्बुररिया, राखी मंडी आदि में हैंडपंप, सबमर्सिबल पंप का पानी पीने पर रोक लगा रखी है।। इन मोहल्लों के हैंडपंपों, सबमर्सिबल पंपों में लाल पेंट से क्राॅस के निशान लगाए गए हैं। राखी मंडी में पेयजल के लिए रोज पानी के टैंकर भेजे जाते हैं। कानपुर देहात के तीन गांव (खानचंद्रपुर, अमरन और रनिया) और फतेहपुर जिले के चार गांवों (गंगरौली, बनीखेड़ा, आशापुर, अभयपुर गांव) के भूगर्भ जल से लेकर जमीन के साथ ही हवा में भी क्रोमियम होने की आशंका है। यूपी पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सुमन ने बताया कि कानपुर, कानपुर देहात और फतेहपुर के क्रोमियम प्रभावित इलाकों को समस्या से निजात दिलाने की कार्ययोजना बनी है। इसमें जमीन और हवा में क्रोमियम के सूक्ष्म कणों को नष्ट करने के साथ ही वहां के प्रदूषित भूगर्भ जल को भी शुद्ध किया जाएगा। शासन ने 2.65 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यूपी पीसीबी का आईआईटी के साथ एमओयू हुआ है। वह क्रोमियम प्रभावित मोहल्लों, गावों में सर्वे और सैंपलिंग करेंगे। इससे पता चलेगा कि वहां कितना दायरा इससे प्रभावित है? पानी, जमीन और हवा में क्रोमियम का स्तर क्या है? इस समस्या का किस तरह निदान हो सकता है। इसके बाद उन उपायों को लागू किया जाएगा।
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