चित्रकूट जिले में मानिकपुर तहसील के पाठा क्षेत्र के चमरौहा में बरदहा नदी का बहुप्रतिक्षित पुल एक दर्जन गांवों के हजारों लोगों के लिए हर साल आफत बन जाता है। पुल न होने से बरसात में इन गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट जाता है और जिंदगी संकट में आ जाती है। बावजूद इसके सिस्टम और सियासत से जुड़े लोगों को ग्रामीणों की इस पीड़ा पर तरस नहीं आ रहा।
देश और प्रदेश में सरकारें बदलीं, स्थानीय जनप्रतिनिधि भी आते-जाते रहे, लेकिन पाठावासियों की दुर्दशा की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। चमरौहा, पयासी पुरवा, मऊ गुरदरी, रानीपुर सहित आसपास के कई गांवों की जिंदगी बारिश के तीन महीने सबसे कठिन हो जाती है। वजह सिर्फ एक- बरदहा नदी में पुल का न होना। मंगलवार रात से लगातार हो रही बारिश से बरदहा नदी उफान पर है।