Chitrakoot News: ग्रामीणों ने डीएम से बताया कि घरों से लगभग दो सौ मीटर दूर पहाड़ में कुछ खनन माफिया अवैध तरीके से चार इंच का होल बनाकर दिन रात ब्लॉस्टिंग कराते हैं। इससे पत्थरों के टुकड़े टूटकर घरों में गिरते हैं।
चित्रकूट में भरतकूप के गोंडा गांव निवासियों ने डीएम के सामने बताया कि पहाड़ों में ब्लॉस्टिंग के दौरान बड़े-बड़े पत्थरों के टुकड़े घरों में गिरते हैं। इससे हर समय खतरा बना रहता है। कई बार मवेशी घायल हो चुके हैं। किसी भी समय बड़ी घटना हो सकती है। आरोप लगाया कि ब्लॉस्टिंग मानक के विपरीत की जा रही है। ऐसे में जांच कराकर कानूनी कार्रवाई कराते हुए अवैध ब्लॉस्टिंग रोकी जाए।
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सोमवार को भरतकूप थाना क्षेत्र के गोंड़ा गांव निवासी पप्पू, हसीन, रमजान खां, नफीस, अब्दुल्ला, सराफत खां, अवनीश आदि ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। जानकारी होने पर डीएम शिवशरणाप्पा अपने कक्ष से बाहर निकलकर ग्रामीणों से मिले। ग्रामीणों ने बताया कि मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। घर से लगभग दो सौ मीटर दूर पहाड़ में कुछ खनन माफिया अवैध तरीके से चार इंच का होल बनाकर दिन रात ब्लॉस्टिंग कराते हैं।
इससे पत्थरों के टुकड़े टूटकर घरों में गिरते हैं। वहीं पहाड़ के नीचे गोशाला होने से कई मवेशी इन पत्थरों की चपेट में आकर घायल हो गए। खनिज अधिकारी को इस संबंध में जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। धडल्ले से ब्लॉस्टिंग जारी है। मांग किया कि मानको की जांच कराकर कार्रवाई कराते हुए अवैध ब्लॉस्टिंग बंद कराई जाए। डीएम ने संबधित विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।