फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chitrakoot Scam: ट्रेजरी घोटाला 100 करोड़ पार; 2018 से हो रहा था गबन, दो कर्मचारी रियल एस्टेट से जुड़े

Thu, 16 Oct 2025 01:25 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

Chitrakoot News: चित्रकूट कोषागार घोटाले की रकम 100 करोड़ तक पहुंचने की आशंका है। पता चला है कि 2018 से 2025 तक पेंशन और वेतन मद में फर्जी प्रविष्टियां कर यह हेराफेरी की गई। पटल संभालने वाले दो संदिग्ध कर्मचारियों के खिलाफ जांच चल रही है और 22 लाख की रिकवरी की जा चुकी है।
विज्ञापन
चित्रकूट ट्रेजरी घोटाला - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चित्रकूट जिले में ट्रेजरी विभाग से सेवानिवृत्त 95 शिक्षकों के खातों में भेजे गए 50 करोड़ रुपये के घोटाले में गुरुवार को नए तथ्य सामने आए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच के बाद अनुमान है कि कुल घोटाले की रकम 100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

विज्ञापन

आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट में पाया गया है कि यह हेराफेरी वर्ष 2018 से सितंबर 2025 तक लगातार चलती रही। सरकारी अभिलेखों में पेंशन और वेतन मद में फर्जी प्रविष्टियां कर धनराशि विभिन्न खातों में भेजी जाती रही। कई मामलों में एक ही शिक्षक के नाम पर बार-बार भुगतान दर्ज किए गए हैं।

लंबे समय तक जारी रखा खेल
जांच में पटल संभालने वाले दो कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। दोनों परोक्ष रूप से जिले में रियल एस्टेट कारोबार में सक्रिय बताए जा रहे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि दोनों कर्मचारियों ने अपने प्रभाव का उपयोग कर लंबे समय तक यह खेल जारी रखा।
विज्ञापन

एफआईआर दर्ज कराने के लिए भेजी तहरीर
वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह ने बताया कि अब तक लगभग 22 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है और एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भेजी गई है। जांच आगे बढ़ने के साथ घोटाले के और बिंदु सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें