लगभग ढाई करोड़ की लागत से जमोहरा नाले पर बन रहे पुल के पिलर का लिंटर ढहने के मामले में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को भी दोषी माना गया है। इस मामले में तीन जेई को निलंबित कर एक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसी मामले में एक दिन पूर्व पुल बनाने और शटरिंग लगाने वाले ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
परदवां बरियारी मार्ग पर स्थित जमोहरा नाले पर बन रहे पुल का लिंटर पड़ते ही 18 जून को ढह गया। अमर उजाला ने इस खबर को 19 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की। इस पर शासन से लेकर जिला प्रशासन तक हरकत में आया। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके रावत ने मऊ एसडीएम के साथ मौके पर जाकर जांच की। मऊ विधायक के साथ डीएम शिवशरणप्पा भी रात में निरीक्षण करने पहुंचे। शुक्रवार को इसी मामले में सहायक अभियंता श्यामलाल की तहरीर पर ठेकेदार दलबीर सिंह व शटरिंग लगाने वाले ठेकेदार भीम सिंह के खिलाफ लापरवाही की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दोनों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है।
इसी मामले में शनिवार को जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने तीन जेई को निलंबित करने व एक जेई को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अखिलेश कुमार ने बताया कि अधीक्षण अभियंता बांदा एसके रावत के निर्देश पर जेई सिंधुराज, जेई महेश यादव व जेर्ई पीपी सिंह को निलंबित कर दिया गया है। जेई श्यामलाल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।