वादी के पुत्र के साथ मौजूद गांव के चौकीदार व उसकी पत्नी को हमलावर लाठियों से मारने लगे। शोरगुल सुनकर गांव के लोग आ गए। इस पर चारों हमलावर संतोष कुमार को मरा समझकर शेष लोगों को जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। वादी अपने पुत्र संतोष, चौकीदार रामखेलावन व उसकी पत्नी राजरानी को जिला अस्पताल लाया। संतोष को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने दोषसिद्ध होने पर चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक अभियुक्त को 13 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया गया। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के वारिस को देने के भी आदेश हुए।