http://
विधर्मी शक्तियां सनातन धर्म को निर्बल बनाने के लिए बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश करती हैं। संतों में भेद डालती हैं सभी संतों को एक हो जाना चाहिए। मेरे लिए जो भ्रम फैलाया जा रहा है वह गलत मैंने कोई टिप्पणी नहीं की, जब भी प्रेमानंद जी मुझसे मिलने आएंगे मैं आशीर्वाद दूंगा और हृदय से लगाऊंगा।