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Chitrakoot: मासूम की हत्या कर शव को शौचालय के गड्ढे में फेंका, गुस्साए परिजनों ने शव रख हाईवे किया जाम

Mon, 01 Jun 2026 09:58 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

Chitrakoot News: मासूम की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। घटना से गुस्साए परिजनों ने हंगामा किया। 
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घटना के बाद मौजूद पुलिस व ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रैपुरा थाना क्षेत्र के रामनगर गांव में सोमवार की देर शाम को हत्यारे ने एक मासूम की पहले पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में उसका शव शौचालय के गड्ढे में फेंक दिया। शव को छिपाने के लिए उस पर आम व महुआ की पत्तियां रख दीं। शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने हाईवे पर शव कर जाम लगा दिया है। परिजनाें ने हत्या कर शव को छिपाने का आरोप लगाया है। सूचना पर एसपी समेत अन्य अफसर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर बाधित यातायात को खुलवाने में जुटे हैं।
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रामनगर निवासी रामदुलारी ने बताया कि उसका बेटा अंकुर विश्वकर्मा उर्फ लल्ली (12) शाम खेलने गया था। काफी देर तक नहीं लौटा तो मां ने उसकी खोजबीन की, इसी बीच किसी बच्चे ने बताया कि सिचांई विभाग के कोठी के शौचालय के गड्ढे में पड़ा हुआ है। जानकारी पाकर मां रामदुलारी वहां भागते हुए पहुंची तो गड्ढे के ऊपर पत्तियां रखी हुई थी। फौरन उसे हटाकर बेटे को निकाला और सीएचसी ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मां के अनुसार मृतक अंकुर के सिर व चेहरे पर चोट के निशान पाए गए हैं। बताया कि बेटे की हत्या कर शव को छिपाने के लिए उद्देश्य से आरोपी ने उस पर पत्तियां डाल दी हैं।

घटना के बाद से नाराज परिजनों व ग्रामीणों ने करीब साढ़े सात बजे झांसी मिर्जापुर हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर एसपी अरुण कुमार सिंह, एएसपी पीयूषकांत राय, सीओ राजकमल, रैपुरा थाना प्रभारी राम सिंह, मानिकपुर अजीत पांडेय, मऊ श्रीप्रकाश यादव सहित कई थानों का पुलिस बल पहुंचा और परिजनों को समझाने में जुट गया। हालाकि परिजन आरोपी के गिरफ्तार होने तक न हटने की बात कह रहे हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगी हुई हैं। फिलहाल अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है।

 
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बुझ गया परिवार का इकलौता चिराग
रामदुलारी ने बताया कि बेटा कक्षा चार में अवंतीबाई पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पढ़ता था। वह करीब 10 वर्षों से पति अशोक विश्वकर्मा के साथ मायके रामनगर में रहती है। उसकी ससुराल देउंधा है। इकलौती संतान थी। पढ़ने में काफी होशियार था। उसकी मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
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