पहाड़ी थाना क्षेत्र के दुबारी गांव में पुश्तैनी संपत्ति और दादा के पुराने मकान पर कब्जे को लेकर सगे रिश्तों का कत्ल हो गया। दो भाइयों और उनके परिवारों के बीच आधी रात को ऐसा खूनी खेल खेला गया कि पूरा गांव लाठियों की गड़गड़ाहट और चीख-पुकार से दहल उठा।
दादा के घर से शुरू हुआ विवाद
दुबारी गांव में यह पूरा खूनी विवाद स्वर्गीय दादा के पुराने मकान के मालिकाना हक को लेकर शुरू हुआ था। रविवार की रात आरोपी इंद्रकुमार का अपनी ही सगी बहन तुलसा से इस मकान को लेकर तीखा विवाद और गाली-गलौज हो रही थी। घर के बाहर मचे इस शोर-शराबे और झगड़े को देखकर बड़ा भाई रामनारायण तुरंत मौके पर पहुंचे।
सिर पर लगा लाठी का जोरदार वार, जमीन पर गिरे और थमी सांसें
गुस्से और सनक में अंधे हो चुके दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठियों की बरसात कर दी। इसी दौरान विपक्ष की तरफ से एक लाठी का बेहद जोरदार और घातक वार सीधे बड़े भाई रामनारायण के सिर पर लगा। लाठी लगते ही रामनारायण के सिर से खून का फव्वारा फूट पड़ा और वे अचेत होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े।
दोनों तरफ से महिलाओं समेत आधा दर्जन लोग लहूलुहान
इस भीषण लाठीचार्ज और पथराव में सिर्फ रामनारायण ही नहीं, बल्कि दोनों पक्षों के कई अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मारपीट की इस घटना में इंद्रकुमार, लक्ष्मीनिया, गोरेलाल और अशोक कुमार समेत कुल पांच से छह लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।
जांच में जुटी पुलिस की कई टीमें
खूनी संघर्ष की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ जिला अस्पताल और घटनास्थल दुबारी गांव पहुंचे। एसपी अरुण कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया दुबारी गांव में दादा के पुराने मकान को लेकर भाइयों के बीच पुराना विवाद था। रविवार की रात बड़े भाई का बेटा दूसरे पक्ष के घर पहुंच गया था, जिसके बाद दोनों भाइयों और उनके परिजनों के बीच अचानक विवाद उग्र हो गया।