सदर कोतवाली क्षेत्र के तरौंहा गांव में खेलते समय बच्चों को मिला विस्फोटक पदार्थ माचिस से जलाने पर फट गया। धमाके में दो किशोर गंभीर रूप से झुलस गए। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए हैं। पुलिस का कहना है कि घटना की जानकारी नहीं मिली है।
तरौंहा निवासी मोहन ने बताया कि उसका बेटा मन्नू (15) व प्रकाश का बेटा सुनील कुमार (11) गांव के बाहर मंदाकिनी नदी किनारे खेल रहे थे। खेलते-खेलते उन्हें वहां बम जैसी कोई वस्तु पड़ी मिली। बच्चों ने उत्सुकता में उसे माचिस से जलाने की कोशिश की, तभी तेज धमाका हो गया।धमाके के साथ चारों तरफ धुआं फैल गया। दोनों किशोर चेहरे, हाथ, पैर सहित पूरे शरीर में झुलस गए। दूर खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने धमाके की आवाज सुनी तो दौड़ कर मौके पर पहुंचे। बच्चों की हालत देखकर परिजनों को सूचना दी गई। परिजन तुरंत वाहन से दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
मोहन ने बताया कि जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताते हुए प्रयागराज मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया, लेकिन परिजन उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए, जहां दोनों का इलाज चल रहा है। परिजनों ने आशंका जताई है कि यह मछली मारने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला देशी बम हो सकता है। पिता मोहन ने कहा कि अगर यह सामान्य पटाखा होता तो बच्चे इतनी बुरी तरह नहीं झुलसते। यह जरूर कोई तेज विस्फोटक सामग्री थी। मंदाकिनी किनारे अक्सर मछली मारने वाले इस तरह के बम का इस्तेमाल करते हैं और वहीं छूट गया होगा। गांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी किनारे इस तरह की विस्फोटक सामग्री का मिलना गंभीर मामला है और इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सदर कोतवाल अभयराज सिंह ने बताया कि उन्हें अभी तक घटना की कोई सूचना नहीं मिली है। पूरे मामले की जांच की जाएगी कि विस्फोटक सामग्री बच्चों तक कैसे पहुंची और यह किस प्रकार की सामग्री थी। पुलिस टीम को मौके पर भेजकर जानकारी जुटाई जाएगी।