कर्वी माफी निवासी सुनील कुमार ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को दोस्त के साथ बाइक से आतिशबाजी वाले स्थान तक गए थे। वहां पर लगभग 30 छात्र भी खड़े थे। कुछ दूरी पर एक कक्षा में बच्चे पढ़ रहे थे, लेकिन किसी आयोजक या व्यवस्थापक ने किसी को हटाने का प्रयास नहीं किया।
स्थल के पास नहीं दिखे सुरक्षा के कोई खास इंतजाम
वहां आने-जाने में किसी को मनाही नहीं थी। अग्निशमन अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि खतरनाक आतिशबाजी की उनसे अनुमति नहीं ली गई थी। जिला प्रशासन के निर्देश पर दो सिपाही समेत वाहन जरूर भेजा था। कार्यक्रम स्थल के पास सुरक्षा के कोई खास इंतजाम भी नहीं दिखे। पटाखों में बहुत ज्यादा विस्फोटक सामग्री होगी तभी ऐसा हादसा हुआ।
एडीजी बोले- जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी सवालों के जवाब मिलेंगे
कॉलेज के अंदर इतने खतरनाक विस्फोटक सामग्री रखने और लगाने की अनुमति किसने दी। आयोजकों ने इसकी अनुमति ली थी या नहीं, यह कोई नहीं बता रहा है। कॉलेज प्रबंधक भाजपा के पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र और सपा विधायक अनिल प्रधान ने आयोजकों की मंशा पर गंभीर आरोप लगाकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस संबंध में एडीजी भानु भास्कर ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी सवालों के जवाब मिलेंगे। किसी दोषी को नहीं छोडेंगे।
विस्फोट की जांच करने आईं आगरा और प्रयागराज सें टीमें
बुंदेलखंड गौरव महोत्सव के आतिशबाजी स्थल पर धमाके से चार बच्चों की मौत मामले की जांच करने आगरा और प्रयागराज की टीमें आईं। एडीजी की मौजूदगी में फोरेंसिक और विस्फोट सामग्री की जांच करने वाली टीम ने लगभग दो घंटे तक तथ्य जुटाए। शहर के सीआईसी परिसर में बुधवार को आतिशबाजी स्थल पर दो धमाके हुए थे। इसमें कर्वी माफी गांव निवासी प्रभात, मोहित, पारस और यश के चीथड़े उड़ गए थे।
लगभग दो घंटे तक घटनास्थल से जुटाए नमूने
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सदर कोतवाली में आतिशबाजी कंपनी और उसके कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एडीजी भानु भास्कर घटना स्थल पर जांच करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि आगरा और प्रयागराज की बम विस्फोटक जांच व फोरेंसिक के 12 सदस्यों की टीमें मामले की जांच कर रही है।
कैसा व कितना खतरनाक विस्फोट था
यह पता लगाया जा रहा है कि विस्फोट में कौन सा केमिकल था, कैसा व कितना खतरनाक विस्फोट था, इसका कारण क्या रहा, किन परिस्थितियों में घटना हुई। उन्होंने बताया कि दोनों टीमों से कहा गया कि जल्द रिपोर्ट दें, जिससे कोई भी दोषी बचने न पाए। इस मौके पर डीआईजी अजय कुमार सिंह, डीएम अभिषेक आनंद व एसपी अरुण कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं नमूने
कॉलेज परिसर में दो घंटे तक दोनों टीमों ने जांच की। टीमों के सदस्यों ने कहा कि जरूरत के हिसाब से आगे भी जांच की जाएगी। घटनास्थल से एकत्र किए गए नमूने जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं। इसके बारे में अभी कोई अधिकृत जानकारी नहीं दे सकते। प्रथम दृष्टया यही पता चला है कि इलेक्ट्रिक सिस्टम से अटैच पटाखों में बैटरी से भी लाइन जुड़ी थी।
परिसर में आतिशबाजी के कई अन्य स्टैंड लगे हैं
सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। परिसर में आतिशबाजी के कई अन्य स्टैंड लगे हैं। उनके तार और कनेक्शन काट दिए गए हैं। कितनी क्षमता के पटाखे थे अथवा इसमें कितना पोटाश था। इसके लिए कंपनी ने अनुमति ली थी या नहीं, अनुमति में कितनी क्षमता तक के पटाखे छुड़ाने का प्रावधान है, इसकी भी जांच की जा रही है।