नर्स से दुष्कर्म के मामले में लापरवाही बरतने पर बरगढ़ थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि घटना की सूचना मिलने एक घंटे बाद पुलिस माैके पर पहुंची। जबकि मामला थाने से मात्र पांच साै मीटर की दूरी का है। ड्यूटी पर अस्पताल जा रही नर्स से शनिवार को चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था।
इन लोगों ने बरगढ़ थाने से पांच साै मीटर दूर रेलवे अंडरपास में नर्स को सरेराह मारपीट रक अगवा कर लिया था। दुष्कर्म के बाद उसके हाथ बांधकर उसे रेलवे लाइन पर छोड़ दिया था। जहां उसे छोड़ा गया वह स्थान भी थाने से सिर्फ एक किलोमीटर दूर था। फिर भी यहां तक पुलिस टीम को पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया। इसे पुलिस अधिकारियों ने पुलिसिंग में गंभीर चूक माना और बरगढ़ थाना प्रभारी को सोमवार सुबह निलंबित कर दिया।
आरोपी युवक बाइक पर सवार था जबकि नर्स अपनी साइकिल से अस्पताल जा रही थी। आरोप है कि इसने तीन अन्य साथियों के आने पर नर्स का हाथ बांधकर रेलवे ट्रैक की ओर ले गये। नर्स का ही एक कपड़ा उतारकर उसके मुंंह में ठूंसने के बाद सामूहिक दुष्कर्म किया फिर मरने के लिए ट्रैक पर फेंक दिया। रविवार को आईजी जोन प्रयागराज प्रेम गौतम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को सुबह पहली जांच रिपोर्ट आने के बाद एसपी अरुण कुमार सिंह ने थाना प्रभारी राकेश मौर्य को निलंबित कर दिया है। उनके स्थान पर पंकज तिवारी को थाने की कमान दी गई है।
शुरुआती जांच के बाद कार्रवाई
शुरुआती जांच में प्रभारी निरीक्षक की लापरवाही सामने आई है। थाना प्रभारी सुरक्षा को लेकर नियमित पेट्रोलिंग व गांववासियों के साथ समन्वय स्थापित करने में विफल रहे। इसके अलावा ऑपरेशन दृष्टि के तहत आमजन को सीसीटीवी कैमरे लगवाने के प्रोत्साहित करने में भी वह नाकाम साबित हुए। कई अन्य स्थानों पर लगे कैमरे निरीक्षण में खराब पाए गए, जबकि उन्होंने इनके क्रियाशील होने की रिपोर्ट दी थी। - अरुण कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक