पेन का पल्स रेट बता रहा है ऑक्सीमीटर
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कोरोना महामारी के बीच बाजार में धड़ल्ले से हजार से दो हजार रुपये में बिक रहे ऑक्सीमीटर पेन-पेंसिल की पल्स रेट और ऑक्सीजन लेवल बता रहे हैं। आपदा को अवसर बना रहे दुकानदारों ने लोगों की परेशानियों का भी ख्याल नहीं किया और ज्यादा लाभ कमाने के चक्कर में परेशान तीमारदारों को ये ऑक्सीमीटर बेच डाले हैं।
रविवार को संवाददाता ने एक दुकानदार से ऑक्सीमीटर खरीदा तो उसने 1500 रुपये ले लिए और बिल भी नहीं दिया। पूछने पर बताया कि इसमें कोई गारंटी-वारंटी नहीं है। जब इसमें पेन लगाया गया तो 15 सेकेंड बाद ऑक्सीमीटर ने ऑक्सीजन लेवल 97 और पल्स रेट 70 बता दिया। इसके बाद ऑक्सीमीटर में टूथब्रश और पेंसिल लगाई तो भी इसने रीडिंग दी। ऐसे में इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इन चाइनीज ऑक्सीमीटर का प्रयोग मरीज की जिंदगी को खतरे में डाल सकता है।
ऐसे काम करता है ऑक्सीमीटर
पल्स ऑक्सीमीटर हाथ की उंगली फंसाते ही खून में ऑक्सीजन की उपलब्धता की जांच करता है। इससे यह पता चलता है कि लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी) कितनी ऑक्सीजन को हृदय से शरीर के अन्य भागों में पहुंचा रही है। यह एक फोटो इलेक्ट्रिक उपकरण होता है।
ऑक्सीमीटर सही है या नहीं, ऐसे जांचें
पैथोलॉजी संचालक डॉ. आदिश ने बताया कि पल्स ऑक्सीमीटर में फिंगर की जगह किसी अन्य निर्जीव चीज को लगाने पर रीडिंग आना गलत है। ऐसे ऑक्सीमीटर मरीज की रीडिंग भी गलत ही बताएंगे। उन्होंने बताया कि जब भी ऑक्सीमीटर खरीदने जाएं तब ग्लव्ज पहनकर मीटर में फिंगर लगाए, अगर रीडिंग जीरो आए तो ही ऑक्सीमीटर खरीदें। ग्लव्ज पहनने के बाद जीरो रीडिंग आने का मतलब ऑक्सीमीटर सही है।