बांदा में चाइनीज दीपकों के बहिष्कार के बाद उसी तर्ज पर भारतीय दीपक बनाकर दिवाली मनाई जाएगी। छात्राएं और महिलाएं मिट्टी से खूबसूरत दीपक तैयार कर रही हैं। संकल्प लिया कि पूजा से लेकर सजावट तक किसी भी काम में चीन का सामान शामिल नहीं होगा।
छोटी बाजार स्थित आर्ट क्राफ्ट डांस स्टूडियो मेें इन दिनों रोजाना मिट्टी के बने भारतीय दीपकों का रंगरोगन किया जा रहा है। स्टूडियो में ट्रेनिंग ले रहीं छात्राएं दीपक बनाने में जुटी हैं। स्टूडियो की डायरेक्टर रश्मि गुप्ता निशा उन्हें यह सिखा रही हैं। उन्होंने बताया कि अबकी चीनी आइटमों का बहिष्कार होगा। डांस और आर्ट क्राफ्ट सीख रहे बालक-बालिकाएं मिट्टी के दीपक के साथ पोस्टर भी तैयार कर रहे हैं।
इन दीपकों और पोस्टरों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी आर्ट स्टूडियो (छोटी बाजार, वैराज पैलेस के पास) 23 से 25 अक्तूबर तक लगेगी। प्रदर्शनी के जरिये आम नागरिकों को भारतीय दीपकों से दीवाली की रात जगमगाने को प्रेरित किया जाएगा। दीपक सजाने में वैष्णवी, श्रेया, सृष्टि, राधिका, वर्षिका और महिलाओं में शोभिना, रानी, किरन, सुशीला, शालिनी जैन आदि शामिल हैं। मुकुल गुप्ता और राज गौतम नेतृत्व कर रहे हैं। बताया कि यहां तैयार किए जा रहे दीपक कलकत्ता की कारीगरी और नक्काशी पर आधारित हैं।