मिड- डे मील का खाना (सांकेतिक तस्वीर)
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कानपुर देहात के स्कूलों में मध्याह्न भोजन सप्लाई करने वाले एनजीओ मनमानी कर रहे हैं। एमडीएम की गुणवत्ता खराब होने के साथ साथ मेन्यू का भी पालन नहीं किया जा रहा है। इससे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन नहीं मिल पा रहा है।
मामले को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायतें की जा चुकी है। इसके बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिले के सहायता प्राप्त जूनियर स्कूलों में एक अगस्त से पांच स्वयं सेवी संस्थाओं को दो-दो ब्लाक में मध्याह्न भोजन वितरण करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
पहले ही दिन से खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें अधिकारी तक पहुंचने लगी थी। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। लिहाजा एनजीओ की मनमानी जारी है। गुरुवार को संदलपुर ब्लाक के अमौली कुर्मियान के पटेल पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक विकास सिंह ने बीएसए संगीता सिंह एवं खंड़ शिक्षाधिकारी ज्ञान प्रकाश अवस्थी को शिकायती पत्र देकर बताया कि बिना छीले हुए आलू डालकर सब्जी व तहरी बच्चों को परोसी जा रही है।
एनजीओ की ओर से मेन्यू का भी पालन नहीं किया जा रहा है। अभी तक सिर्फ दो बार रोटी दी गई है। इसकी भी गुणवत्ता बेहद खराब रही। उन्होंने बताया कि इस बाबत खाना सप्लाई करने वाले एनजीओ सुभाष चिल्ड्रेन सोसाइटी के प्रभारी से कई बार बात की गई, लेकिन गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ। गुरुवार को प्रधानाध्यापक ने माध्याह्न भोजन लेने से इंकार कर दिया है।
कई स्कूलों से मध्याह्न भोजन की शिकायतें मिल रही हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई है।
ज्ञान प्रकाश अवस्थी, प्रभारी बीईओ संदलपुर