कानपुर। प्रदेश सरकार की बाल श्रमिक विद्या योजना शहर में बाल श्रम उन्मूलन और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम दे रही है। योजना के जरिये ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है जिनके माता-पिता नहीं हैं और वे कभी बाल श्रम करने के लिए मजबूर थे। परिवार में आजीविका का कोई स्थायी सहारा नहीं था। अब यही बच्चे कक्षा आठ, नौ और दस में पढ़ाई कर रहे हैं।
सहायक श्रमायुक्त रामलखन पटेल ने बताया कि शहर में इस योजना के तहत कुल 100 बच्चों का चयन किया गया है। दिसंबर तक 72 बच्चों की पढ़ाई के लिए भुगतान किया जा चुका है और शेष लाभार्थियों को भी शीघ्र योजना का लाभ दिया जाएगा। बालकों को एक हजार रुपये प्रतिमाह और बालिकाओं को 1200 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि सीधे खाते में दी जाती है।
कक्षा आठ, कक्षा नौ अथवा हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर छह हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। अप्रैल से दिसंबर की अवधि में 72 बच्चों को कुल पांच लाख 49 हजार 400 रुपये की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। चयनित बच्चों में 33 बालिकाएं और 39 बालक शामिल हैं।
इनमें नौ बच्चे कक्षा आठ, 14 कक्षा नौ और 13 बच्चे कक्षा दस में अध्ययनरत हैं। कक्षा नौ में पढ़ रहे राहुल ने बताया कि पहले उसे मजदूरी करनी पड़ती थी लेकिन अब वह नियमित रूप से स्कूल जा पा रहा है। वहीं कक्षा आठ की छात्रा पूजा का कहना है कि आर्थिक सहायता से उसकी पढ़ाई आसान हो गई है और अब वह आगे भी पढ़ना चाहती है।