रसूलाबाद। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम गुरुवार को रसूलाबाद पहुंची। लाल गांव में किसान को झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची को ग्रामीण से अपनी सुपुर्दगी में लिया। नवजात के बिछड़ने से उसको अपनाने वाले दंपती मायूस दिखे।
रसूलाबाद थाना क्षेत्र के लाल गांव में बुधवार दोपहर किसान रामबाबू बेटे राहुल के साथ खेत पर जा रहे थे। तभी पुलिया के पास स्थित झाड़ियों से उन्हें नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। जब मौके पर जाकर देखा तो लहूलुहान हालत में एक नवजात बच्ची पड़ी मिली। जिस पर किसान परिवार नवजात को अपने साथ घर ले गया था। परिवार ने नवजात को अपने चौबेपुर डिब्बा निवादा निवासी रिश्तेदार को पालन पोषण के लिए दे दिया था।
मामले की जानकारी होने पर गुरुवार को चाइल्ड हेल्पलाइन टीम की काउंसलर सीलम राजपूत व सुपरवाइजर दीपक कुमार रसूलाबाद पहुंचे। नवजात को अपनी सुपुर्दगी में लिया और सीडब्लूसी न्यायालय में पेश करने के लिए अपने साथ लेकर रवाना हो गए। टीम द्वारा बच्ची को ले जाते समय निसंतान दंपती दुखी दिखे। काउंसलर सीलम ने बताया कि न्यायालय जो आदेश करेगी उसी के अनरूप नवजात को शिशु गृह, राजकीय बाल गृह लखनऊ या दत्तक गृह में रखकर पालन-पोषण किया जाएगा। दत्तक गृह में 0 से 6 वर्ष के बच्चे रखे जाते हैं। थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम नवजात को अपने साथ ले गई है।