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सीएचसी रसूलाबाद के चिकित्सक डेंगू से पीड़ित, बुखार के 11 मरीज अस्पतालों में भर्ती

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जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती मरीज। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। जिले में डेंगू और बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। रसूलाबाद सीएचसी में तैनात एक डॉक्टर जांच में डेंगू पीड़ित पाए गए। वहीं रविवार को जिला अस्पताल में बुखार पीड़ित 12 मरीज पहुंचे। इसमें से एक बालिका समेत नौ लोगों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है।
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वहीं रसूलाबाद सीएचसी में भी बुखार पीड़ित दो मरीजों को भर्ती कराया गया है। उधर बील्हापुर गांव में मासूम की मौत के बाद पहुंची स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों की जांच की तो बुखार पीड़ित 35 मरीज मिले। इस दौरान 334 घरों में डेंगू लार्वा की जांच की। जिले में अब तक डेंगू व बुखार से 32 लोगों की मौत हो चुकी है।
बारिश के बाद जगह जगह पानी एकत्र होने से मच्छर जनित बीमारी बढ़ गई है। बुखार पीड़ितों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। हालात ये हैं कि हर दिन मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। रसूलाबाद सीएचसी में तैनात डॉक्टर सौरभ शाक्य को चार दिन से बुखार आ रहा था।
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उन्होंने कन्नौज की एक प्राइवेट लैब में डेंगू की जांच कराई। जांच में उन्हें डेंगू होने की पुष्टि हुई है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि डॉ. सौरभ शाक्य ने फोन पर डेंगू होने की जानकारी दी है।
इधर रविवार को शाहबापुर मंगलपुर निवासी झलक (5) की बुखार से हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया है। इसके साथ ही बुखार पीड़ित अन्य आठ नए मरीज जिला अस्पताल में भर्ती किए गए। रसूलाबाद सीएचसी में ओपीडी बंद रही। इमरजेंसी में ईएमओ डॉ. अमित सक्सेना ने बुखार के 13 मरीज देखे। इनमें से दो मरीजों को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया है।
उधर अमरौधा ब्लॉक के बील्हापुर में 16 सितंबर को छह वर्षीय बालक की मौत के बाद स्वास्थ्य टीम सक्रिय हो गई। रविवार को यहां स्वास्थ्य टीम ने कुल 334 घरों में डेंगू लार्वा की जांच की। बर्तनों व कूलर में भरा पानी फिकवाया। इसके साथ ही लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक कर पंपलेट बांटे।
यहां 55 मरीजों की जांच की गई इसमें से 35 बुखार पीड़ित पाए गए। 11 मरीजों की रक्त पट्टिका बनाई गई। दो मरीजों की रैपिड किट से जांच की गई। इसमें दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई।
संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. एपी वर्मा ने बताया कि लगातार कीटनाशक का छिड़काव बुखार प्रभावित गांवों में कराया जा रहा है। बता दें कि जिले में डेंगू व बुखार से अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है।
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