इसके अलावा चार्जिंग सिस्टम चलाने वालों को किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी। चार्जिंग स्टेशन केंद्र खोलने वालों को अपने स्टेशन में वाहनों के आने जाने की जगह, सुरक्षित सिस्टम के साथ एक मोबाइल एप बनाना होगा। इससे वाहन की बैटरी चार्जिंग को आने वालों को यह पता चल सके कि वह कितने बजे जाएं। स्टेशन खोलने वाले अपने ग्राहकों से सर्र्विस टैक्स से कमाई कर सकेंगे।
विद्युत नियामक आयोग बिजली की दरों के पुनर्निर्धारण के लिए जनसुनवाई की शुरुआत शहर से कर रहा है। इसमें इलेक्ट्रिक चार्जिंग की दरों का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। - चंद्रशेखर अंबेडकर, एक्सईएन, केस्को