कानपुर। दुष्कर्म, जालसाजी जैसे संगीन आरोपों में घिरे कमिश्नरी के 24 पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभिन्न थानाक्षेत्रों में दर्ज मामलों की जांच पूरी हो गई है। पुलिस ने सभी मामलों में आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसके साथ ही अब इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है।
पुलिस रिकाॅर्ड के अनुसार पिछले साल एक जनवरी से 31 दिसबंर के बीच नौ दरोगा, पांच हेड कांस्टेबल व 10 कांस्टेबल पर पुलिस दुष्कर्म से लेकर जालसाजी, धमकी, वसूली समेत अन्य आरोप लगे। ये सभी कर्मी शहर के विभिन्न थानाक्षेत्रों और कार्यालयों में तैनात रहे थे। सीपी ने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। उधर, प्रारंभिक जांच के बाद कई को निलंबित किया गया जबकि कुछ को स्थानांतरित कर दिया गया। इस बीच पुलिस ने सभी मामलों में जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। इसके बाद अब उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में फंसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ अगर साक्ष्य सही पाए गए तो उन्हें मूल वेतन पर भेजने से लेकर अधिकतम बर्खास्तगी तक की सजा हो सकती है।
इनकी फंसी है गर्दनदरोगा- नरेश कुमार, सचिन कुमार मोरल, आशीष कुमार, अनुज नागर, पंकज मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, वीरेश यादव, वीडी सिंह, मथुरा प्रसाद।
हेड कांस्टेबल- अमरेश प्रताप सिंह, अमित कुमार, सत्यम सिंह, सन्नी चौधरी, हरविंदर यादव।
कांस्टेबल- अनुज कुमार, अभिषेक कुमार, अनुज तिवारी, रेनु प्रजापति, सुमित कुमार, रविंद्र कुमार सिंह, गौरव यादव, सत्येंद्र यादव, अजय कुमार यादव, सौरभ भदौरिया।
आईआईटी की पीएचडी छात्रा को शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोप में फंसे एसीपी मोहसिन खान के खिलाफ चल रही विभागीय जांच अंतिम दौर में है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि साक्ष्यों को संकलित किया जा चुका है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट जल्द ही जमा की जा सकती है। इसके बाद अपील के समय मोहसिन को एक बार सुनवाई का मौका देने के बाद सजा दे दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि जिन आरोपों में मोहसिन फंसे हैं, उनमें बर्खास्तगी भी संभव है।
विभिन्न आरोपों में लिप्त 25 पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। साथ ही इनकी विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस कर्मियों को दंडित किया जाएगा।
विपिन मिश्रा, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम/मुख्यालय