चकरनगर। चंबल नदी के जलस्तर की रफ्तार शनिवार सुबह से कम होने लगी। रविवार शाम पांच बजे जलस्तर चेतावनी बिंदु 120.80 मी. से नीचे 118.87 मी. पर पहुंच गया। वहीं, यमुना नदी रविवार दोपहर दो बजे 120.79 मीटर पर थम गई। इससे गांवों व मुख्य रास्तों पर भरा पानी धीरे-धीरे कम होने लगा।
मध्य प्रदेश सहित राजस्थान में हो रही भीषण बारिश के कारण कोटा बैराज के बांध से दो दिन पूर्व छोड़े गए पानी ने चंबल नदी में बाढ़ के हालात पैदा कर दिए। शुक्रवार की रात में तेजी से बढ़े चंबल नदी का जलस्तर 120.80 खतरे के निशान को पार कर 121.21 पर पहुंच गया था। इसके साथ ही यमुना नदी भी चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई थी।
यमुना नदी किनारे के गांव हरोली बहादुरपुर, निमाड़ाडा, चकरपुरा, कांयछी, खिरिटी, रानिया का मुख्य रास्ता बंद हो गया था। रास्ता बंद होने से आम जनमानस का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। शनिवार सुबह से चंबल नदी का पानी घटने से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों सहित प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि नदी किनारे की फसलें चौपट हो गई हैं।