इटावा/चकरनगर। तहसील क्षेत्र चकरनगर में चंबल यमुना के बाद कुंवारी नदी ने बाढ़ के हालत पैदा कर दिए है। चंद्रहंसपुरा गांव के पास पाड़री ऊमरी मुख्य सड़क मार्ग में पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है। सैकड़ों लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा। वहीं, कोटरा बिरौना गांव के मुख्य मार्ग में पानी भरने से दो गांव से संबंध कट गया है।
मध्य प्रदेश सहित राजस्थान में दो सप्ताह से भारी बारिश हो रही है। जिससे मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के दो डेम पिलुआ बांध से 4000 क्यूसेक व कोतवाल बांध से 5000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। शिवपुरी जिले के एक बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे मध्य प्रदेश के भिंड जिले में सांक व क्वांरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
क्वारी नदी का जलस्तर 125.12 मीटर पर बह रही है, इसका असर एमपी यूपी के बॉर्डर इटावा जिले की चकरनगर तहसील में बहने वाली क्वारी नदी पर पड़ रहा है। फूप चौरेला मुख्य सड़क मार्ग से पाढ़री ऊमरी मध्य प्रदेश को जाने वाले रास्ते में पानी भरने से आवागमन अवरुद्ध हो गया। जिससे भिंड ऊमरी को जाने वाले लोग सोनेपुरा फूप से होते हुए भिंड पहुंचे।
वहीं बीहड़ के गांव कोटरा, बिरौनाबाग के मुख्य मार्ग में पानी भरने कैद हो गए। ललूपुरा, सिंडौस, विंडवा खुर्द, तेलियन खोड़न,नौरगा खोड़न, रीतौर, कुवंरपुरा कुर्छा, बिडौरी, बिठौली, उखरैला,पसिया गांव ग्रामीण भी बाढ़ से प्रभावित हैं। अगर कुंवारी नदी का पानी चार फुट और बढ़ जाता है तो विधुत पोल व तार क्वारी नदी के पानी में डूब जाएंगे। जिससे कुंवारी नदी पार सिंड़ौस, बिडवा खुर्द, गढ़ीमंगद, ललूपुरा, चौरेला, जाजेपुरा सहित कई विद्युत आपूर्ति बंद जाएगी। जिससे लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा।