कानपुर नगर की करीब आठ सौ बैंकों में प्रतिदिन औसत करीब 10 करोड़ रुपये की आपूर्ति करना रिजर्व बैंक के लिए अब चुनौती बन गया है। बैंकों में भीड़ उमड़ने के साथ ही यह चुनौती और गहराएगी। स्थिति ये है कि दो दिनों में बैंकों को औसत करीब पांच करोड़ रुपये ही जारी किए जा सके हैं। इसी वजह से शहर के एक तिहाई बैंकों में शुक्रवार को करेंसी का टोटा हो गया।
बैंकों के सूत्र बताते हैं कि आम दिनों में ही नोटों की सप्लाई करीब 25 फीसदी प्रभावित रहती है। नोट बंदी की घोषणा के बाद नई करेंसी व छोटे नोट उपलब्ध करवाने का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में समय पर करेंसी उपलब्ध करवाना रिजर्व बैंक के साथ ही बैंक के रीजनल आफिसों और करेंसी चेस्टों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। रिजर्व बैंक व अन्य बैंकों की करीब 500 गाड़ियां शहर भर में कैश पहुंचाने के लिए दौड़ रही है लेकिन करेंसी की आपूर्ति प्रभावित है।
इस समस्या से निपटने के लिए शुक्रवार को पूरा दिन रिजर्व बैंक में रणनीति बनती रहीं। सूत्र बताते हैं कि शनिवार से कैश वैनों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। बैंकों में चर्चा इस बात की भी है कि करेंसी की सप्लाई रिजर्व बैंक के सेंट्रल ऑफिस से भी प्रभावित है। दरअसल करेंसी की कमी की वजह से ही शुक्रवार को शहर के 80 फीसदी एटीएम नहीं चले। अभी तक सिर्फ बैंकों में कैश उपलब्ध करवाने की चुनौती थी। शनिवार से एटीएम बूथों को हर समय फुल रखना आसान नहीं होगा। रिजर्व बैंक के सूत्रों का कहना है कि करेंसी का फ्लो बढ़ाया जा रहा है। इतने बड़े अभियान में यह स्थिति स्वभाविक है।