बसपा सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो)
हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा विष्णु महेश है, इस नारे के साथ 2007 में यूपी में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने वाली बसपा फिर से ब्राह्मणों के दरवाजे पर दस्तक दे रही है। इस मुहिम में पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश मिश्र को लगाया गया है। वे प्रदेश के कुल ब्राह्मण मतदाताओं में 16 प्रतिशत वोट हासिल करने की गणित पर काम कर रहे हैं। मुख्य फोकस सुरक्षित सीटों पर है जहां का ब्राह्मण नोट पार्टी हासिल करके सीट पक्की करना चाहती है।
शुक्रवार को शिवराजपुर बैरी मैदान में आयोजित ब्राह्मण महासम्मेलन में मुख्य अतिथि सतीश मिश्रा ने कहा बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि ब्राह्मणों का सम्मान सिर्फ बसपा में ही सुरक्षित है। दलित और ब्राह्मण वोटरों के दम पर बसपा यूपी में फिर से सरकार बनाएगी।
ब्राह्मण और दलित आपस में भाईचारा बनाकर बसपा सुप्रीमो मायावती को फिर से सीएम बनाएं। कहा कि भाजपा अगर ब्राह्मण हितैषी होती तो मुरली मनोहर जोशी, कलराज मिश्र व लक्ष्मीकांत बाजपेई जैसे वरिष्ठ नेताओं की पार्टी में बेकदरी न होती।
विपक्षी दल वोट बैंक के लिए ब्राह्मणों का इस्तेमाल करते आए हैं। भाजपा अयोध्या मंदिर निर्माण के नाम पर लिए गए चंदे से पार्टी का प्रचार-प्रसार कर रही है। सतीश मिश्र ने सपा परिवार में हो रहे झगड़े पर चुटकी लेते हुए कहा कि सपा पारिवारिक पार्टी है। लगभग पांच साल में चाचा, भतीजे, पिता ने योजनाओं के नाम पर आए जनता के धन को हड़पा है। कहा कि झांसी की जनता बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है।