टीम का एक अफसर शिकायतकर्ता का रिश्तेदार बनकर आया था। जैसे ही आरोपी ने रुपये लिए। उसे रुपयों के साथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद विभाग के उच्च अफसरों को मामले की जानकारी दी गई। आरोपी के पास जिन-जिन फर्म से जुड़े दस्तावेज थे। उन्हें खंगाला गया। कई घंटे की जांच-पड़ताल के बाद टीम आरोपी को उसके आवास लेकर गई। वहां पर भी जांच-पड़ताल की गई।
छह साल बाद फिर आई सीबीआई
सीजीएसटी कार्यालय एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। 2018 में सीबीआई ने छापा मारकर सीजीएसटी कमिश्नर संसारचंद को घूस के आरोप में गिरफ्तार किया था। 23 मार्च 2021 को सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति के आरोप में एक और एफआईआर दर्ज की थी। इसमें उन पर करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति जुटाने का आरोप था। इसके बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
सीक्रेट फंड और हिंदी प्रकरण भी आया था प्रकाश में
सीजीएसटी कार्यालय पिछले साल भी चर्चा में रहा था। यहां पर तैनात रहे कमिश्नर सोमेश तिवारी ने हिंदी में काम न करने देने पर उच्च अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसके बाद में उनका तबादला कर दिया गया था। इसके अलावा विभाग के एक अधिकारी ने मुखबिरों के लिए आने वाले सीक्रेट फंड में करोड़ों के घोटाले के आरोप लगाकर इसकी शिकायत प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को की गई थी, लेकिन अफसरों ने इस मामले को भी दबा दिया था।