सेंट्रल बैंक में लॉकर डकैती के मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी
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डीसीपी ईस्ट प्रमोद कुमार ने दावा किया कि पुलिस ने मिस्त्री चंद्रप्रकाश की निशानदेही पर एक सराफ के पास से 250 ग्राम (करीब 12 लाख कीमत) सोने के गहने (11 चूड़ियां, 2 अंगूठी, 2 कान के टॉप्स, तीन हार) बरामद कर लिए हैं। यह गहने चंद्रप्रकाश ने उसे बेचे थे। हालांकि, गहने किसके हैं, इस संबंध में पुलिस कोई जवाब नहीं दे सकी। वहीं, सराफ ने गहने किस उद्देश्य (गहने चोरी के होने की जानकारी थी या नहीं) से खरीदे थे, इसकी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने चार सराफों को हिरासत में लिया हुआ है।
सितंबर में भी दो बार तोड़े गए थे लॉकर
पुलिस के अनुसार बैंक अधिकारियों ने सितंबर में भी अनअपरेट लॉकरों को तोड़ने की दो बार प्रक्रिया की थी। उस वक्त भी खेल करके गहने चुराए गए थे, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस बिहार में हुई वारदात से खोज रही मिस्त्री का कनेक्शन
पुलिस के अनुसार लॉकर मिस्त्री और उसके साथियों ने जिस चालाकी से लॉकर के अंदर से माल को रिम की तीली से टटोलने के बाद लॉकरों को सफाई से तोड़ दिया, इससे उनके पूर्व में भी ऐसी वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका है। सूत्रों के अनुसार फरवरी 2020 में पटना के मर्दनीबाग स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लॉकरों से भी इसी तरह से लॉकर तोड़ कर 50 लाख के गहने और छह लाख रुपये की नकदी चुरा ली गई थी। पुलिस को लॉकर तोड़ने वाले मिस्त्री व उसके साथियों के बिहार में हुई घटना में भी शामिल होने की आशंका है। पुलिस मिस्त्री का उस घटना से कनेक्शन खोजने में जुटी है। पुष्टि के लिए पटना पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।
ग्राहकों को नहीं मिला इन सवालों का जवाब
- शाखा प्रबंधक और लॉकर इंचार्ज ने कब तैयार किया था चोरी का प्लान ?
- शाखा प्रबंधक की गठित की गई कमेटी के अन्य सदस्यों की क्या भूमिका?
- सभी आरोपियों में चुराए गए गहनों का बंटवारा किस आधार पर और कैसे-कैसे हुआ?
- शाखा प्रबंधक, लॉकर इंचार्ज समेत सभी आरोपियों के बैंक खातों में कितना रुपया है?
- गहने जिन सराफों के पास ठिकाने लगाए गए उनके नाम का खुलासा क्यों नहीं हुआ?
- क्या सराफों ने तीन माह पहले खरीदे गए चोरी के गहनों को गलाया नहीं होगा?
- अभी तक खुलासे में मिस्त्री, उसके साथियों के अलावा मैनेजर और इंचार्ज के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य क्यों नहीं जुटाए जा सके?