सर्वाइकल कैंसर से बचाव को लेकर अब लोगों में जागरुकता बढ़ी है। इसके चलते लोग अब खुद से अपनी 14-15 वर्ष की बेटियों को एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए आ रहे हैं। दो अगस्त को एक दिन में 3940 बेटियों का टीकाकरण हुआ। यूपी में कानपुर टीकाकरण करने में पहले नंबर पर रहा। नोडल अधिकारी डॉ. एसपी यादव ने बताया कि रविवार को हमने मेगा प्लान के तहत टीकाकरण अभियान चलाया और 3940 बेटियों के टीके लगाकर उत्तर प्रदेश में पहला स्थान पाया।
कैसे जानें सर्वाइकल कैंसर तो नहीं हो गया?
डॉक्टर कहते हैं, सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती चरण में अक्सर लक्षण नहीं दिखते। हालांकि शरीर में कुछ बदलावों पर ध्यान देना चाहिए।
- पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग
- यौन संबंध के बाद रक्तस्राव
- मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग
- बदबूदार या असामान्य डिस्चार्ज
सर्वाइकल कैंसर से बचाव कैसे संभव है?
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के दो प्रमुख तरीके प्रभावी हो सकते हैं। एचपीवी वैक्सीनेशन और नियमित स्क्रीनिंग (पैप स्मीयर टेस्ट) की मदद से आप इसके खतरे को कम कर सकते हैं। पैप स्मीयर टेस्ट से सर्विक्स की कोशिकाओं में होने वाले शुरुआती बदलावों का पता चल जाता है।